प्रसव के दौरान नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप; CHC में ऑपरेशन सुविधा पर उठे सवाल

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चाकुलिया : चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के दौरान एक नवजात की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना मिलने के बाद प्रखंड प्रमुख धनंजय करुणामय समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रंजीत मुर्मू से पूरे मामले की जानकारी ली। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा प्रसव कक्ष में तैनात कर्मचारियों से पूछताछ और वस्तुस्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद परिजन शांत हुए।

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जानकारी के अनुसार बेंद पंचायत के कदमाशोली निवासी शंभू महतो की 26 वर्षीय पत्नी शताब्दी महतो को शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सहिया की मदद से ममता वाहन के जरिए उन्हें सुबह करीब 7 बजे चाकुलिया सीएचसी में भर्ती कराया गया। सुबह 9 से 9:30 बजे के बीच प्रसव के दौरान गर्भनाल पहले बाहर आने की स्थिति बनी और बताया गया कि गर्भनाल गर्भाशय में ही बच्चे के गले में लिपट गई, जिससे दम घुटने के कारण नवजात की मौत हो गई। उस समय ड्यूटी पर स्वास्थ्यकर्मी अनिमा महतो और भक्ति महतो तैनात थीं।

घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शताब्दी महतो की पांच वर्ष की एक बेटी है। करीब दो वर्ष पहले भी उन्होंने इसी अस्पताल में एक पुत्र को जन्म दिया था, जिसकी किडनी में खराबी के कारण बाद में कोलकाता में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अब दूसरे पुत्र की भी मौत हो जाने से परिवार सदमे में है।

इस घटना ने चाकुलिया सीएचसी में उपलब्ध प्रसूति सुविधाओं को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यहां हर महीने करीब 200 से 250 प्रसव होते हैं, लेकिन इमरजेंसी सिजेरियन यानी ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अस्पताल में स्थायी महिला चिकित्सक और महिला सर्जन की भी व्यवस्था नहीं है। गंभीर स्थिति में मरीजों को झाड़ग्राम रेफर किया जाता है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सीएचसी में आपातकालीन ऑपरेशन की समुचित व्यवस्था और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता होती, तो गंभीर प्रसव मामलों में तत्काल निर्णय लेकर इलाज किया जा सकता था। हालांकि इस विशेष मामले में नवजात की मौत को सीधे तौर पर ऑपरेशन सुविधा की कमी से जोड़ना चिकित्सकीय जांच के बिना तय नहीं किया जा सकता। फिलहाल परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

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