बीमार बेटे की सांसें बचाने को मां ने फैलाई झोली, पति लकवाग्रस्त और घर लौटने तक के नहीं थे पैसे






गढ़वा : भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोमवार को केतार प्रखंड के पाचाडुमर गांव की फुलेश्वरी देवी अपने 30 वर्षीय बेटे अनिल ठाकुर का इलाज कराने पहुंचीं। अनिल पिछले दो महीने से सांस की गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। डॉक्टर ने जांच के बाद दवाएं लिखीं, लेकिन फुलेश्वरी के पास दवा खरीदने के पैसे नहीं थे। यहां तक कि 15 किलोमीटर दूर घर लौटने का किराया भी नहीं था। उनके पति लक्ष्मण ठाकुर लंबे समय से लकवे के कारण बिस्तर पर हैं और परिवार के पास मिट्टी के झोपड़ीनुमा घर के अलावा कोई जमीन नहीं है। पति के इलाज में जमा पूंजी पहले ही खत्म हो चुकी है।


फुलेश्वरी पिछले दो महीने से गांव और समाज के लोगों से मदद लेकर बेटे का इलाज करा रही हैं। अब तक वह करीब 20 हजार रुपये चंदे से जुटा चुकी हैं और 10 हजार रुपये भारी ब्याज पर लेकर इलाज में खर्च कर चुकी हैं। सोमवार को उनकी परेशानी देखकर स्थानीय बजरंग मेडिकल के संचालक ने जरूरी दवाएं मुफ्त दीं, जबकि अस्पताल परिसर में मौजूद एक व्यक्ति ने घर लौटने का किराया उपलब्ध कराया। स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों ने जिला प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता देने और अनिल को बेहतर इलाज के लिए किसी बड़े चिकित्सा संस्थान में भेजने की मांग की है।


