JPSC-JSSC घोटाले में बड़ा खुलासा, 5 लाख की रिश्वत देकर TDPL को काम दिलाने का दावा

रांची : JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही CID को TDPL कंपनी के JSSC में इंपैनलमेंट को लेकर अहम जानकारी मिली है। TDPL के मार्केटिंग मैनेजर अभय ने CID को बताया कि कंपनी ने JSSC में काम हासिल करने के लिए कथित तौर पर एक एसओ को 5 लाख रुपये दिए थे। इसके बाद कंपनी का इंपैनलमेंट हुआ और उसे परीक्षा संचालन का टेंडर मिला। वर्ष 2025 में JSSC ने TDPL को प्रतिबंधित कर दिया था।


अभय के अनुसार JSSC में उसका करीबी एसओ प्रेम कुमार था और उसी की मदद से कंपनी का इंपैनलमेंट कराया गया। उसने दावा किया कि JSSC कार्यालय के सामने स्थित मैदान में प्रेम कुमार को 5 लाख रुपये नकद दिए गए थे। अभय ने CID को बताया कि TDPL ने इस काम के लिए उसे कुल 10 लाख रुपये दिए थे, जिसमें से 5 लाख रुपये प्रेम कुमार को दिए गए और शेष 5 लाख उसके पास रहे। उसने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में JSR एजेंसी के जरिए स्वास्थ्य विभाग में काम दिलाने के एवज में उसे 9 लाख रुपये मिले थे।
अभय बाद में दिल्ली के शेंटी के माध्यम से TDPL के संपर्क में आया और JSSC में कंपनी का इंपैनलमेंट कराने में मदद की। TDPL के निदेशक रामवीर सिंह ने भी CID के सामने दिए बयान में कहा है कि अभय ने कंपनी को JSSC में काम दिलाने में मदद की थी। CID ने अभय और रामवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।


