अतिक्रमण हटाओ अभियान में टूटे आशियाने, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार, अतिक्रमण हटाओ अभियान में घर टूटने के बाद खुले आसमान के नीचे रहने को विवश परिवार, आशियाना उजड़ने के खौफ के बीच पिता का श्राद्धकर्म करता संजय प्रसाद का परिवार

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आदित्यपुर :  आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 27 अंतर्गत रेलवे कॉलोनी गांधी नगर में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान गुरुवार को भी जारी रहा। प्रशासन ने अभियान के दौरान करीब आधा दर्जन निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है। कई परिवार छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

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कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी गई। लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई के मानवीय पहलू पर विचार करने की मांग की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामले में जनहित याचिका दायर करने वाले रंजन दास की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। लोगों ने दावा किया कि खाता संख्या 48 के प्लॉट संख्या 1154 में रंजन दास का मकान भी सरकारी जमीन पर बना हुआ है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।

रंजन दास के मकान पर कार्रवाई नहीं होने का सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा है तो कार्रवाई सभी अतिक्रमणों पर समान रूप से होनी चाहिए। लोगों ने सवाल उठाया कि जिन परिवारों के मकान वर्षों से बसे हुए हैं, उन्हीं पर कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने प्रशासन से रंजन दास के मकान की भी जांच कराने की मांग की है।

घर उजड़े, खुले आसमान के नीचे रात गुजारने की मजबूरी

कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के मकान तोड़े जाने से छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के सामने गंभीर परेशानी खड़ी हो गई है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल मानवीय आधार पर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि खुले में रहने के दौरान किसी परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

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पिता का श्राद्धकर्म, लेकिन सिर पर नहीं है छत

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से प्रभावित संजय प्रसाद का परिवार भी परेशानी में है। संजय के अनुसार, उनके पिता का निधन हो गया है और शुक्रवार को दशकर्म/श्राद्धकर्म होना है। इसी बीच मकान खाली कराए जाने के बाद परिवार के सामने खुले आसमान के नीचे श्राद्धकर्म करने की स्थिति बन गई है। परिजनों ने प्रशासन से कम से कम धार्मिक संस्कार पूरा होने तक मानवीय आधार पर राहत देने की मांग की है।

डीसी से लोगों की अपील—कार्रवाई के साथ मानवीय पहलू भी देखें

स्थानीय लोगों ने उपायुक्त से अपील की है कि न्यायालय के आदेश और प्रशासनिक नियमों का अनुपालन करते हुए भी प्रभावित परिवारों की स्थिति को ध्यान में रखा जाए। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चों और परिवारों को खुले आसमान के नीचे छोड़ने के बजाय उनके रहने, पानी और अन्य मूलभूत जरूरतों की तत्काल व्यवस्था की जानी चाहिए। लोगों ने कहा कि प्रशासन से उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ मानवीय संवेदनाओं का भी ध्यान रखा जाए।

प्रशासन की ओर से लगातार सात दिनों तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का आदेश बताया गया है। इसी के तहत प्रतिदिन अभियान चलाया जा रहा है।

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