जेपीएससी परीक्षा घोटाले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व अध्यक्ष समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

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रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और मेधा घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांग्ते समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इनमें पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी और परीक्षा संचालन से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। अपर न्यायायुक्त प्रथम की अदालत में अवकाश के दौरान जांच अधिकारी ने शून्यकाल में चार्जशीट दाखिल की। एक दिन की देरी होने पर 12 में से पांच आरोपी डिफॉल्ट बेल के हकदार हो सकते थे। मामले में पहली सुनवाई 26 अक्तूबर को होगी, जबकि जल्द ही दूसरी चार्जशीट भी दाखिल की जाएगी। अब तक दो दर्जन से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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सीआईडी की जांच में वन क्षेत्र पदाधिकारी (एफआरओ) और सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) परीक्षाओं की ओएमआर शीट में कथित छेड़छाड़, उत्तर पुस्तिकाओं को परिसर से बाहर ले जाने और परीक्षा परिणामों में डिजिटल हेरफेर के आरोप सामने आए हैं। चार्जशीट के अनुसार, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता ने 26 मई 2026 को व्हाट्सऐप के जरिए परीक्षा की उत्तर-कुंजी टीडीपीएल कर्मचारी मो. उस्मान को भेजी थी। जांच में अभय कुमार तिवारी के बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन, टीडीपीएल निदेशकों के होटल खर्च का भुगतान और अभ्यर्थियों से कथित संपर्क की जानकारी भी सामने आई है। अभय तिवारी पर आयोग, परीक्षा एजेंसी और अभ्यर्थियों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने का आरोप है। एजेंसी को नियमित निविदा के बजाय नामांकन के आधार पर काम देने और संवेदनशील परीक्षा संबंधी जिम्मेदारियां सौंपने की बात भी सामने आई है। प्रारंभिक परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए करीब पांच लाख रुपये और अंतिम चयन के लिए 10 से 25 लाख रुपये तक वसूली करने के आरोप हैं।

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इस मामले में सीआईडी ने 22 जुलाई 2026 को श्वेता कुमारी गुप्ता, अभय कुमार तिवारी, टीडीपीएल निदेशक रामवीर सिंह, मो. उस्मान और मो. एबाद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 24 जुलाई को हेमंत कुमार वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार, 25 जुलाई को सोनू कुमार और अरविंद कुमार तथा 30 जुलाई को सुमन सौरभ की गिरफ्तारी हुई। पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांग्ते को 10 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया था। सभी 12 आरोपी गिरफ्तारी के बाद से जेल में हैं और इनमें 10 की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं। सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत दर्ज इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश सहित अन्य धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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