भिलाई स्टील प्लांट में भीषण हादसा, ब्लास्ट फर्नेस-8 में धमाका और आगजनी, करोड़ों के नुकसान की आशंका

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दुर्गः छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई शहर से शुक्रवार देर रात एक बड़े हादसे की खबर सामने आई। देश के प्रमुख इस्पात कारखानों में शुमार भिलाई स्टील प्लांट में देर रात ब्लास्ट फर्नेस-8 का डस्ट क्रिएटर अचानक फट गया, जिसके कारण धमन भट्टी में भीषण आग लग गई। अचानक हुए इस धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया और परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से साफ देखी जा सकती थीं। आगजनी की चपेट में प्लांट का स्टोर और आसपास के कई हिस्से आ गए। जैसे ही घटना की सूचना मिली, इस्पात संयंत्र की चार से पांच फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, भिलाई प्लांट का ब्लास्ट फर्नेस रोज़ाना लगभग 9000 टन स्टील का उत्पादन करता है। शुक्रवार को भी उत्पादन कार्य चल रहा था कि अचानक डस्ट क्रिएटर का वाल्व खुल गया और जोरदार धमाका हुआ। वाल्व खुलने के कारण भट्टी में आग भड़क उठी और देखते ही देखते आग फैल गई। इस हादसे में बड़ी मात्रा में कोयला जलकर राख हो गया और प्लांट की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई।

उत्पादन और अर्थव्यवस्था पर असर
प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। लेकिन हादसे ने उत्पादन कार्य पर गहरा असर डाला है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दुर्घटना से करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है और आने वाले दिनों में उत्पादन की गति भी प्रभावित होगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गौरतलब है कि भिलाई स्टील प्लांट देश के सबसे पुराने और बड़े इस्पात कारखानों में से एक है। इसके ब्लास्ट फर्नेस-8 से रोजाना हजारों टन स्टील का उत्पादन होता था। हादसे के बाद एक बार फिर संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रबंधन ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।

स्थानीय लोग और कर्मचारी संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

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