झारखंड के नगर निकाय चुनाव 2026 में लगभग 5 लाख से अधिक नए मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार और राज्य के मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


Saraikela: भाजपा नेता रमेश हांसदा ने झारखंड के नगर निकाय चुनाव 2026 में लगभग 5 लाख से अधिक नए मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार और राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है. पत्र में रमेश हांसदा ने कहा है कि अत्यंत दुःख एवं चिंता के साथ निवेदन करना पड़ रहा है कि झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर निकाय चुनाव 2026 में लगभग 5 लाख से अधिक नए मतदाताओं को उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित किया जा रहा है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा है कि नगर निकाय चुनाव में हो रही देरी को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा राज्य सरकार को यह स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि हर हाल में शीघ्र चुनाव कराए जाएँ, भले ही 2024 की मतदाता सूची के आधार पर ही क्यों न हों. राज्य सरकार द्वारा इस निर्देश को स्वीकार किया गया, किंतु प्रशासनिक तैयारियों में अत्यधिक विलंब हुआ. अब अक्टूबर 2024 में प्रकाशित मतदाता सूची के पश्चात लगभग 18 माह का लंबा समय बीत चुका है तो इस अवधि में पूरे राज्य में लगभग 5 लाख से अधिक नए मतदाता पंजीकृत हुए हैं, जिनकी सूची भारत निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध है. जिला निर्वाचन पदाधिकारियों द्वारा यह जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को भी प्रेषित की गई थी. इसके बावजूद 2026 के लिए मतदाता सूची का पुनः प्रकाशन नहीं किया गया. प्रेस एवं समाचार पत्रों के माध्यम से बढ़ी हुई मतदाता संख्या, यहाँ तक कि जातिवार आँकड़े भी प्रकाशित किए गए, जिससे आम जनता को यह विश्वास हुआ कि नए मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में सम्मिलित किए जाएँगे. किंतु जब वार्ड-वार अंतिम सूची प्रकाशित हुई, तब यह स्पष्ट हुआ कि नए मतदाताओं के नाम शामिल नहीं किए गए हैं. महोदय इस प्रकार की प्रक्रिया से आम नागरिकों का लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं शासन तंत्र पर विश्वास कमजोर होता है. इस पूरे प्रकरण में मैं स्वयं भी प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित एवं पीड़ित हूँ. अतः माननीय मुख्यमंत्री से विनम्र अनुरोध है कि कृपया इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए राज्य निर्वाचन आयोग एवं संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश प्रदान करने की कृपा करें, ताकि उक्त लाखों वंचित मतदाताओं को झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 में अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर प्राप्त हो सके. आपकी सकारात्मक एवं त्वरित कार्रवाई से लोकतंत्र में जनता का विश्वास सुदृढ़ होगा.




