जेएसएससी सीजीएल पेपर लीक में खुलासा, प्रिंटिंग प्रेस से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर व्हाट्सऐप पर भेजी

रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की सीजीएल परीक्षा के पेपर लीक मामले में सीआईडी की जांच से नई जानकारी सामने आई है। जांच के अनुसार, हरियाणा के मानेसर स्थित प्रिंटिंग प्रेस से ही प्रश्नपत्र लीक किए गए थे। परीक्षा संचालन एजेंसी आईसीएन को प्रश्नपत्र तैयार करने, उनकी छपाई, ओएमआर शीट की प्रिंटिंग और पैकिंग की जिम्मेदारी मिली थी। एजेंसी के दो कर्मचारियों राहुल कुमार और समीर कुमार पर प्रिंटिंग प्रेस में मोबाइल से प्रश्नों की तस्वीरें लेने और उन्हें व्हाट्सऐप के जरिए दूसरे लोगों तक पहुंचाने का आरोप है। सीआईडी को दोनों की मानेसर में मौजूदगी के डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं। प्रिंटिंग प्रेस की उपस्थिति पंजी में उनके मोबाइल नंबर दर्ज पाए गए हैं। जांच एजेंसी ने यह पंजी जब्त कर ली है। दोनों कर्मचारी प्रश्नपत्रों की छपाई, निगरानी और पैकेजिंग से सीधे जुड़े थे।


सीआईडी की जांच में सामने आया है कि समीर कुमार की प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया तक सीधी पहुंच थी। उसने कथित तौर पर परीक्षा से पहले प्रश्नों और उनके उत्तरों को याद कर लिया था। इसके बाद वह स्वयं सीजीएल परीक्षा में शामिल हुआ और असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (एएसओ) के पद पर चयनित हो गया। समीर से जुड़े बैंक खातों की जांच में यूपीआई के माध्यम से 98,000 रुपये और 30,000 रुपये के लेन-देन का पता चला है। डिजिटल साक्ष्यों के अनुसार, समीर ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अन्य लोगों के साथ दिल्ली से रांची की हवाई यात्रा की थी। सीआईडी को मिले यात्रा रिकॉर्ड में इन टिकटों का भुगतान सह-अभियुक्त सोमांश प्रकाश के माध्यम से किए जाने की जानकारी मिली है।
जांच एजेंसी ने राहुल कुमार की मानेसर स्थित प्रिंटिंग प्रेस में मौजूदगी की पुष्टि के लिए फैक्ट्री रजिस्टर, मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जुटाए हैं। जांच के मुताबिक, राहुल ने मोबाइल से प्रश्नपत्र की तस्वीरें लेकर व्हाट्सऐप पर आगे भेजी थीं। सीआईडी इस मामले में आईसीएन के निदेशक सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों दिल्ली में एक ही फ्लैट में रहते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल के माध्यम से प्रश्नपत्र मिथिलेश सिंह, सानंद प्रकाश, नवीन किशोर समेत अन्य आरोपियों तक पहुंचे थे।


