बिहार में ‘एंटी-रोमियो स्क्वॉड’ के साथ सोशल मीडिया गालिबाज़ों पर भी बैन, गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने मंशा जताई


बिहार: बिहार में गृह विभाग ने छात्राओं की सुरक्षा और सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का मुकाबला करने के लिए व्यापक अभियान की रूपरेखा पेश की है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि स्कूल-कॉलेज के आसपास छात्राओं से छेड़छाड़ रोकने हेतु एक विशेष “एंटी-रोमियो स्क्वॉड” बनेगा। साथ ही, सोशल मीडिया पर गाली-गलौज करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई शुरू की जाएगी।

मंत्रालय स्रोतों के अनुसार प्रस्तावित एंटी-रोमियो स्क्वॉड में “पिंक मोबाइल टीम” शामिल होगी जिसमें महिलाएं पुलिसकर्मी के रूप में तैनात होंगी। इनका मुख्य दायित्व छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा छेड़खानी के मामलों में त्वरित कार्रवाई करना होगा। गृह मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस टीम को मानक अवधि में सक्रिय कर पेशा किया जाए ताकि अपराधियों में डर पैदा हो सके।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया की दुनिया में अभद्र व्यवहार पर रोक लगाने के लिए गृह मंत्री ने कहा है कि गाली-गलौज करने वालों, भड़काऊ पोस्ट डालने वालों तथा ऑनलाइन छेड़छाड़ को बढ़ावा देने वालों के विरुद्ध भी विशेष नियंत्रण बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जयादा देर तक खुला छोड़ना सामाजिक संवाद-माध्यम का दुरुपयोग है और इससे युवा वर्ग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
सम्राट चौधरी ने तीन-मुखी रणनीति को अपनी प्राथमिकता बताया— सुशासन, अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसके अमल पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जेलों में मोबाइल उपकरणों के पहुँचने की पड़ताल की जाएगी और जो अपराध भीतर-से संचालित होंगे, उन्हें भी बेनकाब किया जाएगा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में तत्काल प्रभाव से इस अभियान की शुरुआत की जा रही है। पुलिस मुख्यालय को आदेश दिए गए हैं कि प्रत्येक थाना-क्षेत्र में इस दिशा में योजना बनाकर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। वहीं सामाजिक संगठन, छात्र-संघ तथा जन-प्रतिनिधियों से सरकार ने अपेक्षा जाहिर की है कि वे इस पहल का सहयोग करें और अपने-अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाएं।
इस कदम को राज्य में महिला-सुरक्षा, ऑनलाइन नैतिकता व सार्वजनिक व्यवस्था की दिशा में सकारात्मक मील-पथ माना जा रहा है। गृह मंत्री ने अंत में कहा कि बिहार में कोई भी विकासात्मक कार्य या सामाजिक व्यवस्था ऐसे लोगों द्वारा प्रभावित नहीं हो सकती जो दृढ़ इरादे से अपराध कर रहे हैं।



