पूजा हत्याकांड में पति को 10वर्ष कि मिली सजा, दहेज़ के लालची पति ने पत्नी कि कि थी हत्या

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– 10 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद
– सास, ससुर, जेठ व देवर साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त

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सोनभद्र/ उत्तरप्रदेश :- सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार यादव की अदालत ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए पूजा हत्याकांड के मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषी पति राजू मोदनवाल को 10 वर्ष की कैद एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 3 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं साक्ष्य के अभाव में सास, ससुर, जेठ व देवर को दोषमुक्त करार दिया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक बभनी थाना क्षेत्र के अरझट गांव निवासी देवनारायन पुत्र स्वर्गीय हरिचरन ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी बेटी पूजा देवी का विवाह मार्च 2016 को राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के मधुपुर गांव निवासी राजू मोदनवाल पुत्र राजकुमार के साथ हुई थी। दहेज में 50 हजार रुपये नकद व एक मोटरसाइकिल की मांग की जाने लगी। जिसे लेकर पति राजू मोदनवाल, सास जूठनि देवी, ससुर राजकुमार, जेठ दिनेश व देवर बीजू द्वारा बेटी पूजा देवी को प्रताड़ित किया जाने लगा। इसकी जानकारी बेटी द्वारा दी गई तो कई बार जाकर बेटी के ससुराल वालों को समझाया गया, लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इसीबीच 13 जुलाई 2018 को पूजा के मौत की सूचना मिली। पूजा के ससुराल जब जाकर देखा तो शव पड़ा था। कई जगह चोट के निशान थे। जिससे साफ जाहिर होता है कि बेटी पूजा की हत्या की गई है। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति राजू मोदनवाल को 10 वर्ष की कैद एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर तीन
माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं ससुर राजकुमार, सास जूठनि देवी, जेठ दिनेश व देवर बीजू को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ज्ञानेंद्र शरण रॉय ने बहस की।

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