जवाब दाखिल नहीं करने पर हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार पर लगाया ₹8 हजार हर्जाना

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज प्राथमिकी रद्द करने से जुड़ी याचिका पर जवाब दाखिल नहीं करने के मामले में राज्य सरकार पर 8 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। सोमवार को जस्टिस एके चौधरी की अदालत ने यह आदेश दिया। अदालत ने हर्जाने की राशि झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) में जमा कराने का निर्देश दिया है। यह याचिका ईडी के तत्कालीन अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा समेत अन्य की ओर से दायर की गई है। इसमें हेमंत सोरेन द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को निरस्त करने की मांग की गई है।

हेमंत सोरेन ने 31 जनवरी 2024 को रांची के एससी-एसटी थाने में ईडी अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार, अमन पटेल और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ईडी अधिकारियों ने उन्हें 29 से 31 जनवरी 2024 तक रांची में रहने को कहा था। इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति में दिल्ली स्थित आवास पर बिना पूर्व सूचना के छापेमारी की गई। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई से मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित किए जाने तथा मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर छवि खराब करने का आरोप लगाया था। ईडी अधिकारियों ने प्राथमिकी को निराधार बताते हुए उसे रद्द करने की याचिका दाखिल की है। इस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था, लेकिन जवाब दाखिल करने के लिए सरकार ने अदालत से अतिरिक्त समय मांगा था।


