गांधी जयंती पर सत्य, अहिंसा और शांति के लिए एक दिवसीय उपवास

सरायकेला: महात्मा गांधी जी की जयंती के पावन अवसर पर चांडिल नौका विहार परिसर में चांडिल डैम विस्थापितों की वर्षों पुरानी भूमि एवं पुनर्वास संबंधी समस्याओं के शांतिपूर्ण एवं न्यायपूर्ण समाधान की कामना को लेकर एक दिवसीय उपवास किया गया।


यह उपवास विस्थापित मुक्ति वाहिनी एवं विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। उपवास के माध्यम से महात्मा गांधी जी के बताए सत्य, अहिंसा, शांति और सद्भाव के मार्ग पर चलते हुए चांडिल डैम विस्थापितों की गंभीर समस्याओं का शांतिपूर्ण एवं न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने का संदेश दिया गया।
काटिया पुनर्वास स्थल की स्थिति को लेकर चिंता
ज्ञात हो कि विगत चार दिनों से चांडिल प्रखंड अंतर्गत रूदिया पंचायत के काटिया पुनर्वास स्थल में विस्थापित परिवारों को कथित रूप से तालाब में स्नान करने, रास्ते से आने-जाने, खुले मैदान में शौच करने तथा गाय-बकरी चराने से रोके जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा विस्थापितों के प्लॉट में लगे पेड़ों को काटे जाने की बात भी सामने आई है।
इस मामले को लेकर विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन एवं विस्थापित मुक्ति वाहिनी द्वारा चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी,चांडिल थाना, और चांडिल अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप एवं उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि काटिया पुनर्वास स्थल पर उत्पन्न स्थिति का तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए, वास्तविक स्थिति की जांच की जाए तथा विस्थापित परिवारों के आवागमन, दैनिक उपयोग एवं पुनर्वास भूमि से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
6 अक्टूबर तक समाधान नहीं तो 7 अक्टूबर को शांतिपूर्ण धरना
चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी को दिए गए आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यदि 6 अक्टूबर 2026 तक समस्या का समाधान नहीं किया जाता है, तो 7 अक्टूबर 2026 को पुनर्वास कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा।
संगठनों ने कहा कि विस्थापित अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक एवं अहिंसक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। किसी भी प्रकार के टकराव या तनाव के बजाय प्रशासन से संवाद और न्यायपूर्ण समाधान की अपेक्षा है।
उपवास के माध्यम से प्रशासन एवं परियोजना प्रबंधन से आग्रह किया गया कि काटिया पुनर्वास स्थल की भूमि एवं विस्थापितों से संबंधित विवाद का स्थायी, शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाए तथा विस्थापित परिवारों को उनके वैधानिक एवं पुनर्वास संबंधी अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
उपवास में उपस्थित
इस अवसर पर नारायण गोप, राकेश रंजन महतो, अंबिका यादव, श्यामल मार्डी, आक्लू धीवर, कार्तिक महतो, डमन बास्के, जगन्नाथ किस्कू, बिरबल प्रमाणिक, लखन माझी, सूरज मुर्मू, देवेन महतो,विजय टुडू,ठाकुरदास गोप,ईश्वर गोप,भागीरथ लायक, राजीव महतो,वैधनाथ महतो,उपवन गोप, बुधेश्वर टुडु,पशुपति सिंह सरदार सहित ,घनश्याम अन्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर चौका की मुखिया कुनाराम माझी,तथा कुनाराम सोरेन (मास्टर)भी उपस्थित थे।


