चौथे चरण की शिक्षक भर्ती जनवरी से, 15 जनवरी तक बीपीएससी को भेजी जाएगी अधियाचना


बिहार: चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) प्रक्रिया जनवरी से शुरू होगी। इसके लिए 15 जनवरी तक बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेज दी जाएगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सोमवार को सूचना भवन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों का आरक्षण के हिसाब से रोस्टर क्लियरेंस कराया जा रहा है। टीआई-4 में 25 हजार से कम रिक्ति नहीं होगी।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि टीआरई 4 के तहत विद्यालय अध्यापकों की नियुक्ति के लिए 31 जिलों से रिक्ति मिल चुकी है। शिक्षक भर्ती के अलावा हाईस्कूलों में 5500 पुस्तकालयाध्यक्षों नियुक्ति संभावित है। इसकी रिक्ति भेजने के पहले संबंधित विषय की एसटीईटी (माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा) ली जाएगी। विशेष विद्यालय अध्यापक के 7279 पदों पर नियुक्ति के लिए रिक्ति भेजी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि आगामी सत्र से शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) को सख्ती से लागू कराया जाएगा। बच्चों की डुप्लीकेसी रोकने के लिए प्राइवेट स्कूलों के बच्चों की भी आधार सीडिंग करायी जाएगी। आरटीई कानून का पालन नहीं करने वाले स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई होगी। इसके तहत निजी स्कूलों को 25 प्रतिशत कमजोर और गरीब वर्ग के बच्चों का नामांकन लेना है। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर, सचिव दिनेश कुमार, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. एनके अग्रवाल, निदेशक प्रशासन मनोरंजन कुमार, उपनिदेशक जनसंपर्क दिनेश कुमार मौजूद रहे।
बीपीएससी से 227195 शिक्षकों की नियुक्ति: शिक्षा मंत्री ने बताया कि तीसरे चरण तक कुल 2 लाख 27 हजार 195 शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। सक्षमता पास करने वाले 2,66,786 विशिष्ट शिक्षक बने हैं। राज्य में 28,748 प्रधान शिक्षक और 4699 प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति हुई है। 2005 में राज्य में शिक्षा का बजट 4341 करोड़ था जो वर्ष 2025 में बढ़कर 72,652.44 करोड़ हो गया है।



