इच्छामृत्यु से पहले मानवता की मिसाल: परिवार ने हरीश राणा के अंगदान का लिया फैसला

0
Advertisements
Advertisements
Advertisements

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट से पैसिव यूथेनेशिया (इच्छामृत्यु) की अनुमति मिलने के बाद गाजियाबाद के हरीश राणा के परिवार ने बड़ा मानवीय फैसला लिया है। उनके माता-पिता ने कहा है कि हरीश के जो भी अंग काम कर रहे होंगे, उन्हें जरूरतमंद मरीजों को दान किया जाएगा ताकि उनकी मौत से पहले कई लोगों को नया जीवन मिल सके।

Advertisements
https://bashisthaonline.in
Advertisements

करीब 13 साल से हरीश राणा बेहोशी की हालत में बिस्तर पर पड़े हैं और डॉक्टरों के अनुसार उनके ठीक होने की संभावना लगभग नहीं है। परिवार ने अदालत में भी यह इच्छा जताई थी कि अगर इच्छामृत्यु की अनुमति मिलती है तो उनके उपयोगी अंग दान किए जाएं। परिजनों का कहना है कि एक पिता के लिए यह फैसला बेहद कठिन है, लेकिन अगर इससे किसी और की जिंदगी बच सके तो यही उनके लिए सबसे बड़ा संतोष होगा।

See also  136 साल पुरानी मस्जिद हटाने की तैयारी, कोलकाता एयरपोर्ट रनवे के पास बड़ा फैसला; सियासी हलचल तेज

Thanks for your Feedback!

You may have missed