नौकरी गई तो हाईकोर्ट पहुंचीं डिप्टी कलेक्टर सोनम, 200 अफसरों की ट्रेनिंग भी रुकी

रांची : JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा रद्द होने के बाद सेवामुक्त हुईं डिप्टी कलेक्टर सोनम कुमारी ने राज्य सरकार की अधिसूचना को झारखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। सोनम हजारीबाग जिले में पदस्थापित थीं। उनकी ओर से दायर रिट याचिका में 18 अगस्त 2026 की उस सरकारी अधिसूचना को निरस्त करने की मांग की गई है, जिसके जरिए JPSC विज्ञापन संख्या 01/2024 को रद्द किया गया। मामले की सुनवाई गुरुवार को हाईकोर्ट में होनी है। सोनम ने चयन के बाद बिहार के गया जिले में शिक्षक की नौकरी छोड़कर झारखंड में योगदान दिया था और 24 नवंबर 2025 को उन्हें नियुक्ति पत्र मिला था। परीक्षा रद्द होने का असर इन परीक्षाओं से नियुक्त करीब 200 उप-समाहर्ताओं पर भी पड़ा है। उनकी ट्रेनिंग बीच में रुक गई है। हाल ही में श्रीकृष्ण लोक प्रशासन प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें जिलों में प्रोबेशन के लिए भेजा गया था। परीक्षा रद्द होने के बाद उनकी सेवा और भविष्य को लेकर संशय की स्थिति बन गई है और कई अधिकारी रांची पहुंचने लगे हैं।श्रावणी मेले में ड्यूटी कर रहे 63 प्रोबेशन उप-समाहर्ताओं को भी हटा दिया गया है। इनमें 40 अधिकारी देवघर के बाबाधाम और 23 अधिकारी दुमका के बासुकीनाथ में दंडाधिकारी के रूप में तैनात थे। परीक्षा रद्द होने के बाद इनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई, जिससे नियुक्त अभ्यर्थियों की सेवा और ट्रेनिंग को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।




