यूरिया-DAP की कालाबाजारी की शिकायत, कृषि मंत्री ने दिए जांच के आदेश

रांची : साहिबगंज और पलामू जिलों में यूरिया तथा डीएपी की कथित कालाबाजारी और तय सरकारी दर से अधिक कीमत पर बिक्री की शिकायतें सामने आई हैं। पलामू में कई स्थानों पर यूरिया अधिक कीमत में बेचे जाने की शिकायत मिली, जबकि साहिबगंज में यूरिया 400 रुपये बोरी तक बेचने की शिकायत कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की को मिली। मंत्री ने विभागीय सचिव को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद कृषि निदेशक ने दोनों जिलों में विशेष जांच कराने को कहा है। पलामू उपायुक्त को उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराने और अनियमितता मिलने पर सुसंगत प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।


कृषि निदेशक ने सभी जिलों के उपायुक्तों को उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए संयुक्त प्रवर्तन टीम गठित करने का निर्देश भी दिया है। उन स्थानों को चिन्हित करने को कहा गया है, जहां उर्वरक की खपत सामान्य से अधिक है। जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सघन अभियान चलाने तथा यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि उर्वरकों का उपयोग औद्योगिक कार्यों में न हो। किसानों के बीच डीएपी पर निर्भरता कम करने और एनपीकेएस तथा एसएसपी के उपयोग को बढ़ावा देने को भी कहा गया है।
निर्धारित कीमतों के अनुसार यूरिया 45 किग्रा की कीमत 266.50 रुपये, डीएपी 50 किग्रा की कीमत 1,350 रुपये, एमओपी 50 किग्रा की कीमत लगभग 1,700–1,800 रुपये, एनपीके (10:26:26) 50 किग्रा की कीमत लगभग 1,815 रुपये और एनपीके (12:32:16) 50 किग्रा की कीमत लगभग 1,712 रुपये है। जिम्मेवार पदाधिकारी के अनुसार सभी जिलों को खाद की कालाबाजारी रोकने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं और इसकी सघन निगरानी की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी और किसानों से कालाबाजारी की शिकायत सीधे करने का आग्रह किया गया है।


