JSSC CGL मामले में आयोग के अधिवक्ता को CID का नोटिस, अभय तिवारी की पत्नी-भाई की जमानत पर फैसला सुरक्षित

रांची : जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही सीआईडी की एसआईटी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के अधिवक्ता संजय पिपरवाल को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी उनसे परीक्षा से जुड़े कानूनी दस्तावेजों, अदालत में आयोग की ओर से रखी गई दलीलों और विवाद के दौरान लिए गए प्रशासनिक फैसलों के बारे में जानकारी लेगी। जांच टीम परीक्षा प्रक्रिया के दौरान आयोग, परीक्षा एजेंसी और अन्य संबंधित पक्षों के बीच हुए पत्राचार और लिए गए फैसलों की भी पड़ताल कर रही है। एसआईटी इस मामले में कई अधिकारियों और अन्य लोगों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।


इधर, जेएसएससी सीजीएल भर्ती परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा कुमारी और भाई अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई पूरी हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया। अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी को सीआईडी ने 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था और दोनों ने 28 अगस्त को जमानत याचिका दाखिल की थी। सीआईडी दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी कर चुकी है।
वहीं, जेपीएससी परीक्षा गड़बड़ी मामले में आरोपी और आयोग की पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता की जमानत याचिका अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने मंगलवार को खारिज कर दी। उन्हें सीआईडी ने 22 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इस मामले में जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते सहित लगभग दो दर्जन आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है।


