केनरा बैंक डकैती के 16 दिन बाद भी आरोपी फरार, पांच पर 10 लाख का इनाम, चार आईपीएस के नेतृत्व में जांच जारी

जमशेदपुर : गोलमुरी स्थित केनरा बैंक की शाखा से करीब 23 किलो सोने के आभूषण और 43 लाख रुपये नकद की डकैती के 16 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। झारखंड पुलिस की एसआईटी और अन्य जांच एजेंसियों ने तकनीकी अनुसंधान के आधार पर संदिग्धों की पहचान की है। चार आईपीएस अधिकारियों के नेतृत्व में डीएसपी, इंस्पेक्टर और थानेदार स्तर के 20 अधिकारी तथा 10 विशेषज्ञों की तकनीकी टीम जांच में जुटी है। पुलिस ने पांच संदिग्धों दर्शन कुमार उर्फ प्रियदर्शी (समस्तीपुर), अक्षय कुमार उर्फ साका (पटना), अमन सिंह (वर्धमान), ऋतिक कुमार (पूर्वी चंपारण) और एक अन्य पर दो-दो लाख रुपये, यानी कुल 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।

जांच में सामने आया है कि वारदात से पहले अपराधियों ने शहर के अलग-अलग होटल और लॉज में ठहरकर बैंक की रेकी की थी। साकची के टीना शेड इलाके के एक लॉज में एक संदिग्ध के ठहरने की पुष्टि हुई है। घटना के दिन तेज बारिश के बीच रेनकोट पहने अपराधी सुबह करीब 9:10 बजे बैंक में घुसे और हथियार के बल पर कर्मचारियों को बंधक बना लिया। आरोपियों ने आयरन सेफ और लॉकर से 600 से अधिक पैकेटों में रखे सोने के आभूषण और नकदी बोरियों तथा पिट्ठू बैग में भर ली। जांच में बैंक के सुरक्षा इंतजामों पर भी सवाल उठे हैं। वारदात के दौरान विरोध करने पर सुरक्षा गार्ड घायल हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार, अपराधी करीब एक घंटे तक बैंक में मौजूद रहे, लेकिन साइलेंट अलार्म या पुलिस कंट्रोल रूम को स्वतः सूचना देने वाली व्यवस्था सक्रिय नहीं हो सकी। मुख्य दरवाजा खोलते समय बाहरी गतिविधियों की निगरानी की व्यवस्था में भी कमी सामने आई है।
पुलिस ने बिहार के समस्तीपुर, पटना, पूर्वी चंपारण और पश्चिम बंगाल के वर्धमान में छापेमारी की है। ओडिशा और नेपाल सीमा तक संभावित रास्तों की जांच की जा रही है। परसुडीह, सुंदरनगर, पोटका और ओडिशा सीमा की ओर जाने वाले मार्गों के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है। मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल और अंतरराज्यीय संपर्कों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस ने संदिग्धों के वीडियो सार्वजनिक किए हैं और अमन सिंह के शरीर पर बने टैटू को पहचान का एक महत्वपूर्ण आधार बनाया है। जांच में आरोपियों के अंतरराज्यीय सुबोध सिंह गिरोह से जुड़े होने की बात सामने आई है, जिसका नेटवर्क राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वारदात के बाद अपराधी परसुडीह, सुंदरनगर और पोटका के रास्ते ओडिशा की ओर भागे थे। हालांकि, अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।


