बिग ब्रेकिंग: आदित्यपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा का बड़ा उलटफेर, संजय सरदार को मेयर पद का समर्थन, प्रभासिनी कालुंडिया ने नामांकन लिया वापस

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आदित्यपुर:- आदित्यपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा ने अंतिम समय में बड़ा और चौंकाने वाला राजनीतिक फैसला लेते हुए मेयर पद के लिए संजय सरदार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के तहत पार्टी की समर्थित प्रत्याशी प्रभासिनी कालुंडिया ने संजय सरदार के पक्ष में अपना नामांकन वापस ले लिया। भाजपा की इस रणनीतिक चाल से नगर निगम चुनाव की सियासत में अचानक हलचल तेज हो गई है और पूरे चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं।

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सूत्रों के अनुसार, यह फैसला भाजपा की एक आपातकालीन और बंद कमरे में हुई बैठक में लिया गया, जिसमें संगठन के वरिष्ठ नेताओं और चुनाव प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में जमीनी समीकरण, वोट बैंक की स्थिति और विपक्षी दलों की रणनीति पर गहन मंथन के बाद संजय सरदार को समर्थन देने पर सहमति बनी। इसके तुरंत बाद प्रभासिनी कालुंडिया ने अपना नामांकन वापस लेने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की।

बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व ने यह कदम चुनाव में बिखराव रोकने और एकजुट होकर मजबूत मुकाबला देने के उद्देश्य से उठाया है। पार्टी के भीतर यह आकलन किया गया कि अगर एक से अधिक समर्थित प्रत्याशी मैदान में रहे तो वोटों का विभाजन तय है, जिससे भाजपा को नुकसान हो सकता है। इसी रणनीति के तहत संजय सरदार को सर्वसम्मति से समर्थन दिया गया।

इस फैसले के बाद आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने भाजपा के इस कदम को मजबूरी में लिया गया फैसला बताया है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि यह संगठनात्मक मजबूती और जीत सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संजय सरदार की सामाजिक पकड़ और क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए पार्टी ने उन पर भरोसा जताया है।

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चुनावी जानकारों का मानना है कि भाजपा के इस फैसले से मेयर पद का मुकाबला अब सीधा और बेहद रोचक हो गया है। जहां एक ओर भाजपा एकजुट होकर मैदान में उतरती दिख रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष के सामने अब कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। आने वाले दिनों में प्रचार तेज होने के साथ ही यह साफ हो जाएगा कि भाजपा का यह रणनीतिक दांव मतदाताओं को कितना प्रभावित करता है।

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