कैबिनेट फैसलों पर भानु प्रताप शाही का हमला, बोले– ये जनहित नहीं, सरकार का अहंकार


गढ़वा : झारखंड कैबिनेट के हालिया फैसलों को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। जेटेट से क्षेत्रीय भाषाओं को हटाने और श्री वंशीधर नगर के नाम में बदलाव को लेकर भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से जनता को कोई लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि यह केवल सत्ता के अहंकार को दर्शाता है। भानु प्रताप शाही ने जेटेट परीक्षा में भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि इस मांग को खुद सत्ताधारी दल के नेताओं ने भी उठाया था। इसके बावजूद इसे नजरअंदाज किया गया। साथ ही, श्री वंशीधर नगर के नाम में ‘उंटारी’ जोड़ने के फैसले पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने इसे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा बताया और कहा कि इससे आम लोगों को कोई फायदा नहीं होगा।

उन्होंने भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि ‘नगर’ गढ़वा जिले में है, जबकि ‘उंटारी’ पलामू में आता है, फिर भी नाम बदलने का फैसला लिया गया। उन्होंने सरकार पर जनहित के मुद्दों को छोड़कर अनावश्यक निर्णय लेने का आरोप लगाया, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।


