बिना हेलमेट पेट्रोल देने वालों पर होगी कार्रवाई.. महुआडांड़ में पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त हिदायत, प्रशासन हुआ अलर्ट


महुआडांड़ : महुआडांड़ सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर महुआडांड़ प्रशासन अब पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नियम की लगातार अनदेखी के बाद प्रशासन ने पेट्रोल पंप संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है कि बिना हेलमेट किसी भी दोपहिया वाहन चालक को पेट्रोल नहीं दिया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पंपों पर कार्रवाई की बात कही गई है।हाल ही में महुआडांड़ थाना क्षेत्र के रेंगाई पंचायत अंतर्गत केनाटोली गांव में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया है। दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई थी। घटना के बाद सड़क सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी गई है।मंगलवार को प्रखंड के कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट बाइक चालकों को पेट्रोल दिए जाने की शिकायत सामने आने के बाद परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है। प्रशासन का कहना है कि सड़क सुरक्षा से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परिवहन विभाग ने दी सख्त चेतावनी
परिवहन विभाग के अधिकारी उमेश मंडल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महुआडांड़ के सभी पेट्रोल पंपों में औचक जांच अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि “नो हेलमेट, नो पेट्रोल” नियम का हर हाल में पालन करना होगा। यदि किसी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पेट्रोल देते हुए पाया गया, तो संबंधित संचालक पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियम केवल कागजों के लिए नहीं हैं, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाने के लिए बनाए गए हैं। इसलिए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को जिम्मेदारी के साथ नियमों का पालन करना होगा।
थाना प्रभारी ने कहा — सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
वहीं महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बिना हेलमेट वाहन चलाना खुद की जिंदगी को खतरे में डालना है। पुलिस लगातार सड़क सुरक्षा अभियान चला रही है और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।थाना प्रभारी ने पेट्रोल पंप संचालकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे बिना हेलमेट किसी भी बाइक चालक को पेट्रोल न दें और सड़क सुरक्षा अभियान को सफल बनाने में प्रशासन का साथ दें।महुआडांड़ में प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब लोगों को उम्मीद है कि “नो हेलमेट, नो PETROL” नियम का प्रभावी पालन होगा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।


