अमित शाह ने 102 डिग्री बुखार में दिया ‘वोट चोरी’ का जवाब


दिल्ली:केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार को लोकसभा में बेहद आक्रामक अंदाज में दिखे. लोकसभा में दिए अपने भाषण के दौरान उन्होंने चोरी के मुद्दे पर विपक्ष खासतौर से राहुल गांधी को जबर्दस्त ढंग से आड़े हाथों लेते हुए एक-एक आरोप का तथ्यों के साथ जवाब दिया. उनके करीब डेढ़ घंटे के भाषण में एसआईआर और चुनाव आयोग में नियुक्तियों से लेकर हर मुद्दे पर खुल कर बात रखी गई. सूत्रों के अनुसार शुरुआत में सरकार इस पक्ष में नहीं थी कि विशेष पुनरीक्षण अभियान यानी SIR पर संसद में किसी भी तरह से बहस हो. दरअसल, वरिष्ठ मंत्री नहीं चाहते थे कि विपक्षी दल संसद के मंच का इस्तेमाल चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर हमला करने के लिए करें. इसीलिए पिछला सत्र केवल इसी मांग को खारिज करने के कारण धुल गया था. इस बार यह रास्ता निकाला गया कि एसआईआर के बजाए चुनाव सुधारों पर चर्चा करा ली जाए और एसआईआर का मुद्दा चर्चा के दौरान उठा लिया जाए.आज सबकी नजरें इस बात पर थीं कि अमित शाह राहुल गांधी के आरोपों का क्या जवाब देते हैं. राहुल गांधी कथित वोट चोरी के मुद्दे पर कई प्रेस कांफ्रेंस कर चुके हैं. इनमें हुए खुलासों की तुलना वे एटम बम, हाइड्रोजन बम आदि से करते हैं. बिहार चुनाव में उन्होंने इसी मुद्दे को लेकर यात्रा भी निकाली थी. मंगलवार को लोक सभा में उन्होंने सरकार और चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया था और चुनाव आयुक्तों को चेतावनी दी थी कि उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. आज जब अमित शाह लोक सभा में इन आरोपों का जवाब देने खड़े हुए तो वे पूरी तैयारी से आए थे. हालांकि सूत्रों के अनुसार वे उस समय 102 डिग्री बुखार में तप रहे थे. लोकसभा में जाने से पहले डॉक्टरों ने उनका चेकअप किया और बुखार के लिए दवा भी दी थी.अमित शाह ने कहा कि SIR पर संसद में चर्चा होना आवश्यक नहीं था, लेकिन उन्होंने विपक्ष की मांग मानकर बहस में हिस्सा लिया ताकि यह दिखाया जा सके कि सरकार किसी भी मुद्दे से भाग नहीं रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप चुनाव आयोग को आधिकारिक रूप से सौंपे ही नहीं गए थे।




