वनभूमि पर कब्जे और खरीद-बिक्री के आरोप, दो मौजा के ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की

सरायकेला : आदित्यपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 01 के मौजा-भुरकाडीह और मौजा-आनंदपुर में वन विभाग की जमीन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त से कार्रवाई की मांग की है। भुरकाडीह के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बिना ग्रामीण आमसभा और उनकी सहमति के वन विभाग की जमीन पर हाईमास्ट लाइट लगाई जा रही है। आवेदन में आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार, ठेकेदार और गणेश सरदार, पिता-लाल सरदार के सहयोग से यह काम कराए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि जिस स्थान पर हाईमास्ट लाइट लगाई जा रही है, वह वन विभाग की जमीन है और उक्त जमीन की खरीद-बिक्री की योजना बनाई जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि हाईमास्ट लाइट को आमसभा से पारित कराकर उचित स्थान पर लगाया जाए और वनभूमि की खरीद-बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।


वहीं, मौजा-आनंदपुर के ग्रामीणों ने अलग आवेदन में आरोप लगाया है कि वन विभाग की भूमि की खरीद-बिक्री कर बाहरी लोगों को बसाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इसका विरोध करने पर गणेश सरदार, पिता लाल सरदार एवं उनके साथियों तथा वहां बसाए गए लोगों और कथित भू-माफिया दलालों द्वारा स्थानीय लोगों को धमकी दी जाती है। आवेदन में दावा किया गया है कि विरोध करने वालों को चोरी, डकैती, रेप, जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने जैसे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वनभूमि पर बसाए गए लोगों के बीच देशी दारू और जुआ का कारोबार गणेश सरदार द्वारा चलाया जाता है। उन्होंने वनभूमि की खरीद-बिक्री पर रोक लगाने, पेड़-पौधों की कटाई रोकने और संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोनों मामलों में प्रशासन और वन विभाग से हस्तक्षेप की मांग की गई है। भुरकाडीह से जुड़े आवेदन की प्रतिलिपि वन विभाग पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, S.D.P.O और आदित्यपुर प्रभारी को भेजे जाने का उल्लेख है, जबकि आनंदपुर के आवेदन की प्रतिलिपि DFO सरायकेला, पुलिस अधीक्षक सरायकेला, SDPO सरायकेला, अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर नगर निगम और अंचल अधिकारी गम्हरिया को भेजी गई है। भुरकाडीह के आवेदन में दिलु मुई, विजय सरदार, बुधेश्वर माझी, मुद्देश्वर सरदार, फुलचाँद जरद्वार और दास बनमाली वार्ड पार्षद सहित ग्रामीणों के नाम दर्ज हैं, जबकि आनंदपुर के आवेदन में स्थानीय ग्रामवासियों के साथ बनमाली दास, वार्ड पार्षद, वार्ड सं० 01 का उल्लेख है। दोनों आवेदनों में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में नहीं की गई है।


