सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला में फार्मेसी विभाग द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन “Pharmacist as a Pillar of Republic” रही कार्यक्रम की थीम

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Jharkhand: सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला (झारखंड) के फार्मेसी विभाग द्वारा भारत के गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर एक भव्य, प्रेरणादायक एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम-“Pharmacist as a Pillar of Republic” रही, जिसका उद्देश्य राष्ट्र निर्माण में फार्मासिस्टों की भूमिका, सामाजिक दायित्व तथा संविधान के प्रति उनकी जिम्मेदारी को रेखांकित करना था।

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कार्यक्रम का शुभारंभ संविधान की भावना, राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक मूल्यों को आत्मसात करने के संकल्प के साथ किया गया। संदीप कुमार एवं मेघा दास ने मंच संचालन करते हुए पूरे कार्यक्रम को अनुशासित, सजीव एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में छात्रा कृतिका बाल्मीकि ने गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व, संविधान की गरिमा एवं युवाओं की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके उपरांत मौसमी कुमारी ने राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण नृत्य प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।
बालेश्वरी मंडी ने “गणतंत्र दिवस” शीर्षक कविता का सशक्त पाठ किया, जिसमें स्वतंत्रता, संविधान और लोकतंत्र की आत्मा को शब्दों के माध्यम से जीवंत किया गया। वहीं शारदा रानी ने देशभक्ति गीत पर भावपूर्ण स्लो डांस की प्रस्तुति देकर देश के प्रति समर्पण और सम्मान को कलात्मक रूप में अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम के वैचारिक सत्र में छात्रा दीपा कुमारी ने अपने विचार रखते हुए संविधान, नागरिक कर्तव्यों और युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात मेघा दास, शारदा रानी एवं नेहा ठाकुल ने राष्ट्रभक्ति पर आधारित नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से सामाजिक एकता, अनुशासन और देशभक्ति का सशक्त संदेश दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में रिया एंड ग्रुप द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीत ने वातावरण को देशप्रेम से सराबोर कर दिया। इसके साथ ही बैचलर ऑफ फार्मेसी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने समूह नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति देकर दर्शकों से खूब सराहना प्राप्त की।

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इस अवसर पर सहायक कुलसचिव श्रीमती अर्चना सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं तथा उनमें राष्ट्रभक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं।

कुलसचिव डॉ० नीत नयना ने अपने वक्तव्य में कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि छात्रों में संविधान के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक चेतना और सामाजिक प्रतिबद्धता को विकसित करना भी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर डॉ० ब्रज मोहन पाट पिंगुवा ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें संविधान की शक्ति, लोकतंत्र की गरिमा और नागरिक कर्तव्यों के महत्व का बोध कराता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सम्माननीय कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा को मौलिक अधिकारों के साथ-साथ मौलिक कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे महाक्रांतिकारी एवं राष्ट्रभक्तों के आदर्शों और सिद्धांतों पर चलकर ही एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण संभव है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किताबी ज्ञान के साथ सांस्कृतिक एवं नैतिक शिक्षा विद्यार्थियों में होनी चाहिए, जिससे एक स्वच्छ समाज, सुदृढ़ प्रदेश और समृद्ध राष्ट्र की स्थापना की जा सके।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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