भारतीय ज्ञान प्रणाली के आयाम: सिद्धांत एवं प्रवृत्ति” विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का समापन

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जमशेदपुर : देवघर जिले के जसीडीह स्थित डॉ. जगन्नाथ मिश्रा महाविद्यालय में 29 और 30 दिसंबर को आयोजित “भारतीय ज्ञान प्रणाली के आयाम: सिद्धांत एवं प्रवृत्ति” विषयक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का समापन हुआ। इस सेमिनार का आयोजन सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला द्वारा किया गया, जिसमें इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, देवघर ने शैक्षणिक सहयोग प्रदान किया। सेमिनार में डॉ. जगन्नाथ मिश्रा महाविद्यालय, अनुचिन्तन फाउंडेशन, खगड़िया (बिहार) और शुभा देवी मेमोरियल ट्रस्ट की संयुक्त भागीदारी रही।

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समारोह का उद्घाटन
उद्घाटन सत्र में सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री प्रभाकर सिंह ने इस सेमिनार को शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह शोध कार्य के भविष्य के मार्ग को तय करेगा। वहीं, सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जे. पी. मिश्रा ने इस सेमिनार के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए शोधकर्ताओं से अनुसंधान कार्य की गुणवत्ता और सार्थकता पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

मिथिला के ज्ञान योगदान पर विशेष चर्चा
मुख्य वक्ता के रूप में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर डॉ. संजय झा ने मिथिला के अद्वितीय ज्ञान योगदान पर विस्तार से विचार प्रस्तुत किए। राजर्षि जनक विश्वविद्यालय, जनकपुर धाम (नेपाल) के शोध निर्देशक डॉ. आर. के. शाह तथा सलाले विश्वविद्यालय, इथोपिया (अफ्रीका) के पूर्व प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार मिश्रा ने भी भारतीय ज्ञान प्रणाली के संदर्भ में अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए।

अनुचिन्तन फाउंडेशन की पुस्तकों का विमोचन
सेमिनार के पहले दिन अनुचिन्तन फाउंडेशन, खगड़िया के अध्यक्ष डॉ. ईश्वर चंद की चार पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इस दौरान विभिन्न विद्वानों ने भारतीय ज्ञान परंपरा और इसके आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

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दूसरे दिन शोधपत्र प्रस्तुतियाँ और चर्चा
सेमिनार के दूसरे दिन पहले सत्र में विभिन्न स्थानों से आए बीस शोधकर्ताओं ने अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। सेमिनार के दूसरे दिन के मुख्य अतिथि डॉ. अशोकानंद झा, उपाध्यक्ष, तक्षशिला विद्यापीठ, देवघर ने भारतीय ज्ञान परंपरा को किस प्रकार आगे बढ़ाया जा सकता है, इस पर विस्तृत चर्चा की।

आभार और समापन
इग्नू अध्ययन केंद्र, देवघर के समन्वयक डॉ. रामकृष्णा चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित किया और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। सेमिनार के सफल आयोजन में शुभा देवी मेमोरियल ट्रस्ट के निदेशक श्री हिमांशु देव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

इस सेमिनार ने भारतीय ज्ञान प्रणाली के विभिन्न पहलुओं पर गहरे विचार और शोध को प्रोत्साहित किया, जो भविष्य में इस क्षेत्र में और अधिक अनुसंधान की दिशा प्रदान करेगा।

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