डेढ़ साल बाद पीएचडी नामांकन का रास्ता साफ, लगभग 40 सीटों पर होगा प्रवेश

रांची : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में करीब डेढ़ साल से बंद पीएचडी नामांकन दोबारा शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। सोमवार को कुलपति प्रो राजीव मनोहर की अध्यक्षता में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में पीएचडी नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसे यूजीसी की पीएचडी नियमावली-2022 के अनुरूप तैयार किया गया है। विभिन्न विषयों में लगभग 40 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा। शोध व्यवस्था को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए रिसर्च काउंसिल, विभागीय रिसर्च कमेटी और रिसर्च एडवाइजरी कमेटी की भूमिका भी तय की गई है।


पीएचडी प्रवेश में यूजीसी जेआरएफ, यूजीसी नेट-जेट, यूजीसी-सीआरएस और गेट परीक्षा में निर्धारित पात्रता रखनेवाले अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे। मेधा सूची अकादमिक प्रदर्शन और साक्षात्कार के आधार पर बनेगी। अकादमिक पॉइंट के लिए 60 अंक, जेआरएफ अभ्यर्थियों के लिए 20, यूजीसी नेट के लिए 15 और पीएचडी के लिए निर्धारित पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए 10 अंक का प्रावधान है। साक्षात्कार 20 अंकों का होगा। एक असिस्टेंट प्रोफेसर के अधीन अधिकतम चार, एसोसिएट प्रोफेसर के अधीन छह और यूनिवर्सिटी प्रोफेसर के अधीन आठ शोधार्थी पंजीकृत हो सकेंगे।
बैठक में स्नातकोत्तर नामांकन को लेकर भी निर्णय हुआ। पुराने सीबीसीएस पैटर्न से स्नातक विद्यार्थियों के साथ नई शिक्षा नीति के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में तीन वर्ष बाद निकास लेने वाले विद्यार्थियों को भी पीजी में नामांकन का विकल्प मिलेगा और इसके लिए नियमावली तैयार की जाएगी। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सभी एकेडेमिक डेटा अपडेट करने, शिक्षकों को आधिकारिक डोमेन में संस्थागत ईमेल देने और उनके शोधकार्य व अन्य अकादमिक गतिविधियों को वेबसाइट पर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। बैठक में डीएसडब्ल्यू डॉ सर्वोत्तम कुमार, रजिस्ट्रार डॉ धनंजय वासुदेव द्विवेदी, सभी संकाय के डीन, विभागाध्यक्ष, समन्वयक और एकेडमिक काउंसिल के अन्य सदस्य मौजूद थे।


