234 फर्जी सिम अपराधियों तक पहुंचाने वाले दो विक्रेता गिरफ्तार, 1.88 लाख रुपये कमाने का खुलासा

बोकारो : ऑर्गनाइज्ड और साइबर अपराधियों को फर्जी तरीके से मोबाइल सिम उपलब्ध कराने के आरोप में पुलिस ने दो सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। एएसपी वेदांत शंकर के नेतृत्व वाली एसआईटी में शामिल बरमसिया और चंदनकियारी पुलिस ने 27 वर्षीय प्रदीप दास और 20 वर्षीय मुकेश गोप को गिरफ्तार किया। बुधवार को दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी ग्राहकों के कागजात, हस्ताक्षर और फिंगर प्रिंट का गलत इस्तेमाल कर अतिरिक्त सिम हासिल करते थे और अधिक रुपये लेकर अपराधियों से जुड़े एजेंटों को बेच देते थे।

एएसपी के अनुसार जनवरी से अगस्त के बीच दोनों द्वारा बेचे गए सिम में से 234 सिम का इस्तेमाल साइबर और ऑर्गनाइज्ड क्राइम में हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अपराधियों की ओर से एक सिम के 800 रुपये दिए जाते थे और 234 सिम बेचकर उन्होंने 1.88 लाख रुपये कमाए। दोनों के खिलाफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम, साइबर फ्रॉड और टेलकम एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पुलिस अब सियालजोरी निवासी पमित महथा, देवघर निवासी राहुल कुमार और संथालडीह पश्चिम बंगाल निवासी विवेक चौधरी की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार ये एजेंट बोकारो, धनबाद, रामगढ़, गिरिडीह और हजारीबाग में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को सिम उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठेकेदारों और व्यवसायियों को धमकी देकर रंगदारी वसूलने में किया जाता था। एएसपी ने कहा कि लॉरेस बिश्नोई, प्रिंस खान, अमन साव और प्रकाश शुक्ला गिरोह से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है।


