कोल इंडिया कर्मचारियों के बोनस पर बढ़ी हलचल, अक्टूबर के पहले सप्ताह में बैठक की तैयारी

धनबाद : कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वित्त वर्ष 2025-26 के परफॉर्मेंस लिंक्ड रिवार्ड (पीएलआर)/एक्स-ग्रेशिया यानी बोनस के निर्धारण को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, कोल इंडिया प्रबंधन अक्टूबर के पहले सप्ताह में एपेक्स जेसीसी की बैठक बुलाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें कर्मचारियों के वार्षिक बोनस पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक बैठक 3 या 4 अक्टूबर को हो सकती है, हालांकि इसकी तारीख और बोनस की अंतिम राशि अभी तय नहीं हुई है।

इस बार बोनस निर्धारण की प्रक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि जेबीसीसीआई-11 की अवधि समाप्त हो चुकी है। परंपरागत रूप से गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के पीएलआर पर जेबीसीसीआई की स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी में बातचीत होती रही है। 3 अगस्त को हुई एपेक्स जेसीसी की बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों की ओर से पीएलआर निर्धारण के लिए स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी के बजाय एपेक्स जेसीसी को मंच बनाने का सुझाव दिया गया था। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कर्मचारियों को 1,03,000 रुपये का पीएलआर मिला था। इस राशि पर 25 सितंबर 2025 को जेबीसीसीआई-11 की छठी स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक में सहमति बनी थी और भुगतान वित्त वर्ष 2024-25 में कर्मचारियों की उपस्थिति के आधार पर प्रो-राटा किया गया था।
बोनस वार्ता में इंटक की भागीदारी को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों के बीच इंटक से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी को लेकर अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं और इंटक की ओर से न्यायिक माध्यम से वार्ता में भागीदारी का रास्ता तलाशने की बात सामने आई है। 31 अगस्त 2026 के कलकत्ता हाईकोर्ट के एक आदेश में भी कोल इंडिया में जेबीसीसीआई में ट्रेड यूनियनों की भागीदारी से जुड़े विवाद का उल्लेख हुआ है। फिलहाल वित्त वर्ष 2025-26 के पीएलआर की राशि प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगी।


