पुलिस के शिकंजे में प्रिंस खान गिरोह, 5 एनकाउंटर में 7 गुर्गे घायल

धनबाद : कभी रंगदारी, फिरौती और फायरिंग से कारोबारियों में दहशत फैलाने वाला प्रिंस खान गिरोह अब पुलिस की लगातार कार्रवाई से कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। पिछले एक वर्ष में गिरोह से जुड़े सात गुर्गे पांच अलग-अलग एनकाउंटर में घायल हुए हैं, जबकि दर्जनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। गिरोह से जुड़े करीब 100 बैंक खातों को फ्रीज कर आर्थिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई की गई है। वासेपुर और आसपास लगातार छापेमारी कर स्थानीय नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। नन्हें खान की हत्या के बाद वासेपुर से फरार हुए प्रिंस खान पर कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगे थे। पुलिस के अनुसार, उसने धनबाद समेत झारखंड के कई जिलों में कारोबारियों से रंगदारी मांगने और फायरिंग कराने का नेटवर्क खड़ा किया, जिसका संचालन विदेश, खासकर पाकिस्तान से किए जाने का दावा रहा है।


पुलिस के अनुसार, जेल में रहते हुए सुजीत सिन्हा प्रिंस खान का सहयोगी बना था और कारोबारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। पिछले माह जामताड़ा में एनकाउंटर में उसकी मौत के बाद पुलिस ने इसे गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी टूटना माना है। वहीं सैफी की भारत वापसी और उसके भाई गोपी व साला ऋतिक के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होने से भी दबाव बढ़ा है। पुलिस ने दो बड़े अभियानों में स्थानीय लिंक खंगालकर कई लोगों को गिरफ्तार किया और संदिग्ध अपराधियों की पुलिस परेड भी कराई। इसके बावजूद पूरे नेटवर्क को खत्म करना चुनौती बना हुआ है। एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और इसके पूरी तरह खत्म होने तक पुलिस का अभियान चलता रहेगा।


