नेत्रदान को लेकर बड़ा अभियान शुरू, 20 हजार नए मामलों के बीच जागरूकता पर जोर






रांची : झारखंड में 41वां राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसका औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को सदर अस्पताल सभागार में होगा। अभियान का उद्देश्य मृत्यु के बाद नेत्रदान के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना और इससे जुड़े मिथकों व डर को दूर करना है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के राज्य अंधापन नियंत्रण पदाधिकारी डॉ पंकज कुमार, सिविल सर्जन अमरेंद्र प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ बिमलेश सिंह और डॉ प्रितिश प्रनॉय समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक शामिल होंगे।


राज्य में अंधापन के मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है, खासकर युवा वयस्कों में इसका असर देखा जा रहा है। पिछले वर्ष झारखंड में केवल 148 नेत्रदान-प्रत्यारोपण हुए थे। राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता सर्वेक्षण 2015-19 के अनुसार कॉर्निया से होने वाला अंधापन कुल मामलों का करीब 7.4 प्रतिशत है और हर साल लगभग 20 हजार नए मामले जुड़ रहे हैं। राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत रिम्स, एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज धनबाद में आई बैंक स्थापित किए गए हैं।


