दिल्ली रवाना हुआ आदिवासी जत्था, चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला


जमशेदपुर : नई दिल्ली में होने वाले जनजाति सांस्कृतिक समागम में शामिल होने जा रहे सैकड़ों लोगों के जत्थे को पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने टाटानगर रेलवे स्टेशन से रवाना किया। जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले 24 मई को लाल किले में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों के पहुंचने की संभावना है।

इस दौरान चंपाई सोरेन ने कांग्रेस पर आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड आंदोलन के समय आदिवासियों और मूलवासियों पर लाठीचार्ज और गोली चलाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी धर्म कोड को 1961 की जनगणना से हटाया गया और धर्मांतरण के मुद्दे पर बाबा कार्तिक उरांव की सिफारिशों को भी लागू नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासी हित में एकलव्य स्कूल, जनजातीय गौरव दिवस और पीएम जनमन जैसी योजनाएं शुरू कीं।
चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को बचाने के लिए डीलिस्टिंग जरूरी है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और परंपराओं को बचाने के लिए जागरूक हो रहा है। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की भी जानकारी दी गई है।


