हाथियों के डर से तिरपाल में रहने को मजबूर परिवार, SDM ने पहुंचकर बांटी राहत सामग्री


गढ़वा : हाथियों के डर से घर छोड़ने को मजबूर आदिम जनजाति परिवारों के बीच एसडीएम संजय कुमार पहुंचे और राहत सामग्री बांटी। मेराल प्रखंड के गेरुआसोती गांव में रह रहे विस्थापित परहिया परिवारों को ‘आइए खुशियां बांटें’ अभियान के तहत चप्पल, सैंडिल और अन्य जरूरी सामान वितरित किया गया। बढ़ती गर्मी के बीच ये परिवार खुले आसमान के नीचे तिरपाल लगाकर जीवन बिताने को मजबूर हैं।

जानकारी के अनुसार, बहेरवा गांव के करीब 20 परिवार पिछले वर्ष हाथियों के उत्पात और हमलों के डर से अपना घर छोड़ चुके हैं। फिलहाल ये लोग अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं। एसडीएम ने मौके पर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक 60 से ज्यादा लोगों के बीच राहत सामग्री बांटी। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास पहनने के लिए जूते-चप्पल तक नहीं थे, जिससे गर्मी में परेशानी बढ़ रही थी।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि इससे पहले सर्दियों में भी जरूरतमंदों के बीच गर्म कपड़े बांटे गए थे और अब गर्मी को देखते हुए अभियान का विस्तार किया गया है। प्रशासन की ओर से विस्थापित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने का प्रस्ताव भी दिया गया है, लेकिन फिलहाल ग्रामीण अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इस दौरान रविंद्र पासवान, कंचन प्रसाद, अनिल कुमार और जैनुल अंसारी समेत कई लोग मौजूद रहे।


