महुआडांड़ में खुले ट्रांसफॉर्मर और उलझे तार बने खतरा, हर पल हादसे की आशंका


महुआडांड़: महुआडांड़ प्रखंड में बिजली व्यवस्था अब केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनती जा रही है। बाजार क्षेत्र, शाहिद चौक रोड, संत जोसेफ स्कूल मार्ग, नेतरहाट रोड समेत कई घनी आबादी वाले इलाकों में खुले ट्रांसफॉर्मर, उलझे बिजली तार और जर्जर पोल किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रहे हैं।कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के खुले में लगे हुए हैं। वहीं 11 केवी हाई वोल्टेज तार मकानों की छतों, बालकनी और दुकानों के बेहद करीब से गुजर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो ट्रांसफॉर्मर के नीचे ही अस्थायी दुकानें और ठेले लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
स्थानीय ग्रामीणों और दुकानदारों का कहना है कि कई बार ट्रांसफॉर्मरों से तेल रिसाव और स्पार्किंग की घटनाएं हो चुकी हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। लोगों को डर रहता है कि कहीं करंट फैलने या तार टूटने से कोई बड़ा हादसा न हो जाए।ग्रामीणों ने बताया कि कई मोहल्लों में बिजली के तार काफी नीचे लटक रहे हैं और कुछ पोल झुकी हुई हालत में हैं। स्कूली बच्चे, राहगीर और दुकानदार रोज इसी खतरे के बीच गुजरने को मजबूर हैं।बिजली सुरक्षा मानकों के अनुसार ट्रांसफॉर्मर के चारों ओर मजबूत घेराबंदी, हाई वोल्टेज तारों की सुरक्षित दूरी तथा गार्ड वायर लगाना अनिवार्य होता है। लेकिन महुआडांड़ के कई इलाकों में इन नियमों का पालन नहीं दिख रहा है।बिजली विभाग के कर्मियों का कहना है कि पुराने नेटवर्क और बढ़ते लोड के कारण समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। विभाग द्वारा कई जगहों पर मरम्मत कार्य और नए ट्रांसफॉर्मर लगाने का काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने खतरनाक स्थानों की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से सुधार करने की बात कही है।इधर ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि खुले ट्रांसफॉर्मरों की तत्काल घेराबंदी की जाए, जर्जर तारों को बदला जाए तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा जांच अभियान चलाया जाए।महुआडांड़ में बिजली व्यवस्था का विस्तार जरूर हुआ है, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब लोगों की चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।



