वर्दी बनाम गैंगस्टर” : फरार गैंगस्टर प्रिंस खान के वायरल वीडियो से मचा भूचाल, धनबाद SSP पर गंभीर आरोपों से सुलगी सियासत


धनबाद : झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में गैंगवार, माफिया नेटवर्क और अपराध जगत की हलचल एक बार फिर सुर्खियों में है। वासेपुर का फरार गैंगस्टर प्रिंस खान, जिसे लेकर पुलिस पहले ही दावा कर चुकी है कि उसका नेटवर्क देश से बाहर तक फैला हुआ है, उसने एक नया वीडियो जारी कर धनबाद के सीनियर एसपी प्रभात कुमार पर गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बार गैंगस्टर के निशाने पर कोई कारोबारी या प्रतिद्वंद्वी गिरोह नहीं, बल्कि जिले के पुलिस कप्तान खुद हैं।
जारी वीडियो में प्रिंस खान ने आरोप लगाया है कि धनबाद में कोयले के कारोबार से जुड़ी हर गाड़ी से लगभग एक लाख की वसूली की जा रही है। उसने दावा किया कि पुलिस अधिकारी वर्दी का इस्तेमाल कर रंगदारी वसूल रहे हैं और व्यापारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। वीडियो में यह भी कहा गया कि जिन व्यापारियों ने पहले गैंगस्टर को पैसे दिए हैं, उन्हें अब पुलिस की ओर से भी भुगतान करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इतना ही नहीं, पैसे नहीं देने वालों को टेरर फंडिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। वायरल वीडियो में यह भी देखा जा सकता है कि गैंगस्टर ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों से मामले की जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) को पूरे नेटवर्क की जांच करनी चाहिए ताकि कथित अवैध कमाई और कोयला कारोबार से जुड़े पैसों का खुलासा हो सके। हालांकि वीडियो में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से राजनीतिक रंग लेने लगा है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्रिंस खान धनबाद और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय एक कुख्यात अपराधी माना जाता है। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। हालांकि पुलिस पहले भी यह दावा कर चुकी है कि उसका नेटवर्क दुबई और पाकिस्तान तक फैला हुआ है। हाल ही में उसके करीबी सहयोगी ‘मेजर’ से पूछताछ के दौरान कथित हवाला नेटवर्क, कई बैंक खातों और करोड़ों रुपये के लेनदेन से जुड़ी जानकारियां सामने आई थीं।
इस पूरे मामले ने राज्य की राजनीति को भी गरमा दिया है। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यदि आरोप इतने गंभीर हैं तो निष्पक्ष जांच आवश्यक है। मरांडी ने एसएसपी को पद से हटाकर मामले की न्यायिक निगरानी में जांच कराने की मांग उठाई है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग को भी इस मामले से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद कानून व्यवस्था और प्रशासनिक विश्वसनीयता को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ पुलिस जिस अपराधी को लंबे समय से पकड़ने का प्रयास कर रही है, वही अपराधी अब खुले मंच से पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगा रहा है। इससे यह बहस तेज हो गई है कि क्या अपराधी द्वारा लगाए गए आरोपों को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से लिया जाना चाहिए या नहीं। वहीं दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि कोयलांचल क्षेत्र में माइनिंग और अवैध कारोबार का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण अपराध और सत्ता के बीच टकराव सार्वजनिक रूप से सामने आने लगे हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां और खुफिया विभाग पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला सिर्फ गैंगस्टर और पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा या बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद का रूप लेगा, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।



