लिपुलेख विवाद के बीच नेपाल को भारत देगा सस्ती खाद, फैसले से बढ़ी हलचल


काठमांडू :लिपुलेख दर्रे को लेकर भारत और नेपाल के बीच चल रहे विवाद के बीच दोनों देशों के संबंधों में एक नया मोड़ देखने को मिला है। नेपाल सरकार ने भारत से रियायती दर पर 80 हजार टन रासायनिक खाद खरीदने का फैसला किया है। यह खरीद भारत-नेपाल के बीच सरकारी समझौते (G2G) के तहत की जाएगी। वैश्विक सप्लाई संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण खाद की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच नेपाल ने यह कदम उठाया है।

नेपाल सरकार के अनुसार इस खेप में 60 हजार टन यूरिया और 20 हजार टन डीएपी खाद शामिल होगा। नेपाल ने पहले भारत से 1.5 लाख टन खाद की मांग की थी, लेकिन फिलहाल 80 हजार टन की आपूर्ति को मंजूरी मिली है। बताया गया है कि मानसून और धान की खेती को देखते हुए यह खाद अगस्त तक नेपाल पहुंचने की संभावना है।
इसी बीच लिपुलेख दर्रे को लेकर नेपाल ने हाल में भारत के सामने आपत्ति दर्ज कराई थी। भारत ने नेपाल के दावे को खारिज करते हुए कहा था कि यह मार्ग वर्षों से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इस्तेमाल होता रहा है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद के बावजूद खाद आपूर्ति के फैसले को अहम माना जा रहा है।


