11 साल से अधूरी जलापूर्ति योजना पर बढ़ा गुस्सा, तुरंत शुरू करने की मांग तेज


जमशेदपुर : बागबेड़ा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना को जल्द शुरू कराने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। आजसू पार्टी के जिला सचिव सह सूचनाधिकार कार्यकर्ता कृतिवास मंडल ने पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय, नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कर योजना को तत्काल चालू करने की मांग की है। वर्ष 2015 में शुरू हुई इस योजना को 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन करीब 11 साल बीत जाने के बाद भी यह पूरी तरह चालू नहीं हो सकी है।

शिकायत के बाद मंत्रालय ने झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से रिपोर्ट मांगी। जवाब में चीफ इंजीनियर अनिल प्रसाद ने बताया कि जल शोध संस्थान, पांच जलमीनार, इंटकवेल और वितरण प्रणाली का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रॉ वाटर राइजिंग लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है और खरकाई नदी पार कराने के लिए पाइप कैरिंग ब्रिज का निर्माण भी लगभग पूरा है। विभाग के अनुसार योजना का करीब 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और जून से पहले जलापूर्ति शुरू होने की संभावना जताई गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जबकि बागबेड़ा, कीताडीह और आसपास के इलाकों के हजारों लोग पानी संकट से जूझ रहे हैं। योजना में लगातार देरी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और जल्द समाधान की मांग की जा रही है।


