भीषण गर्मी में प्यासे होंठ को नगर निगम दिखा रहा प्रशासनिक भवन का सब्जबाग, नागरिकों का ध्यान भटकाने का कुत्सित प्रयास : अधिवक्ता ओम प्रकाश

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Saraikela  : भीषण गर्मी में प्यासे होंठ को आदित्यपुर नगर निगम 25 करोड़ का प्रशासनिक भवन का सब्जबाग दिखा रहा है. यह यहां के नागरिकों का ध्यान भटकाने का कुत्सित प्रयास है. लेकिन जन कल्याण मोर्चा इस झांसे में कतई आनेवाली नहीं है. जनहित याचिका के एवज में जुडको ने जो हाइकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है अगर उसके हिसाब से वृहद जलापूर्ति योजना के तहत आदित्यपुर के नागरिकों को जलापूर्ति का लाभ नहीं मिलता है तो जन कल्याण मोर्चा हाइकोर्ट में अवमानना की याचिका दायर करने की तैयारी में है. उक्त बातें मोर्चा के अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से कही है. उन्होंने नगर निगम के साथ जिला प्रशासन को भी आगाह किया है कि आदित्यपुर के तकरीबन 60 हजार परिवारों के लिए वर्तमान में सबसे जरूरी जलापूर्ति की समस्या है, इसे प्रशासनिक भवन से कोई लेना देना नहीं है. नागरिकों को नागरिक सुविधाएं मिले यही निगम की प्राथमिकता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इस भीष्म गर्मी में आदित्यपुर नगर निगम की सबसे प्रमुख समस्या पेयजल की किल्लत की है. इसलिए हमारा पूरा ध्यान बिना देर किए सीतारामपुर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से 30 MLD वाटर सप्लाई को तुरंत चालू कराने पर केंद्रित होना चाहिए. साथ ही सापड़ा में निर्माणाधीन 60  MLD वाटर ट्रीटमेंट प्लान्ट के कार्य में भी तेजी लाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जहां तक सवाल है आदित्यपुर नगर निगम का प्रशासनिक भवन निर्माण का तो यह मामला विगत तीन-चार सालों से चल रहा है. इसमे कुछ लोग राजनीति रोटी सेंक रहे हैं तो पदाधिकारी और पार्षद अपनी मोटी कमीशन पर गिद्ध दृष्टि बनाये हुए है जबकि हमारी प्राथमिकता पेयजल आपूर्ति होनी चाहिए जो कि आम जनता के लिए बेहद जरूरी है. आज निगम क्षेत्र के हजारों परिवार पानी की खरीद पर मोटी रकम खर्च कर रहे हैं जो कि उनके घर के बजट को गड़बड़ा रहा है. आम आदमी को आदित्यपुर नगर निगम का कार्यालय शायद साल में एक दो बार ही जाना पड़ता होगा लेकिन पीने का पानी हर दिन और हर समय चाहिए. इसलिए हमारी प्राथमिकता वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट को चालू कराना है. उन्होंने कहा कि सीतारामपुर स्थित 30 एमएलडी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट नियमित रूप से चलने के बाद प्रशासनिक भवन निर्माण स्थल के मुद्दे की ओर ध्यान दिया जाएगा लेकिन वह सेकेंडरी मुद्दा है.

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