होल्डिंग टैक्स में 20% तक बढ़ोतरी, मानगो के हजारों परिवारों और कारोबारियों पर बढ़ेगा बोझ


जमशेदपुर : झारखंड सरकार ने मानगो नगर निगम समेत राज्य के सभी नगर निकायों में होल्डिंग टैक्स की नई गणना व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। करीब दो साल बाद किए गए इस संशोधन के तहत अब शहरी संपत्तियों पर 15 से 20 प्रतिशत तक अधिक टैक्स देना पड़ सकता है। इस फैसले से खासकर मानगो क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां सीधे प्रभावित होंगी। नई व्यवस्था को शहरी राजस्व बढ़ाने और संपत्तियों के वास्तविक बाजार मूल्य के अनुसार टैक्स तय करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

नई कर व्यवस्था के तहत अब होल्डिंग टैक्स की गणना पुराने तरीके से नहीं, बल्कि सरकारी सर्किल रेट और संपत्ति से लगी सड़क की चौड़ाई के आधार पर की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जिन संपत्तियों का स्थान अधिक मूल्य वाले इलाकों में है या जो चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित हैं, उन पर ज्यादा टैक्स लगेगा। इसका तर्क यह दिया जा रहा है कि ऐसी संपत्तियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं और अधिक बाजार मूल्य का लाभ मिलता है। 40 फीट से अधिक चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित मकानों, फ्लैटों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सबसे ऊंची कर श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मामलों में संपत्ति के प्रकार और स्थान के अनुसार सालाना 500 से 1500 रुपये तक अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है।
इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा असर मानगो नगर निगम क्षेत्र में पड़ने की संभावना जताई जा रही है, जहां करीब 48,018 लोग सीधे प्रभावित होंगे। फ्लैट में रहने वाले परिवारों, पक्के मकानों के मालिकों, कच्चे घरों के निवासियों और मुख्य सड़कों पर स्थित दुकानों व शोरूम संचालकों को नए ढांचे के तहत अधिक भुगतान करना होगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए यह बढ़ोतरी और अधिक चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पहले से बढ़ती लागत के बीच टैक्स का नया बोझ छोटे और मध्यम कारोबारियों की वित्तीय स्थिति पर असर डाल सकता है।
मानगो नगर निगम कार्यालय में अगले 10 दिनों के भीतर संशोधित दरों पर टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इसके साथ होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस और जल उपयोग शुल्क के नवीनीकरण का काम भी किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से टैक्स संशोधन लंबित था और 2022 से 2024 के बीच सर्किल रेट में तेज वृद्धि हुई है, इसलिए अब यह बढ़ोतरी एकमुश्त लागू की जा रही है। हालांकि आम लोगों का कहना है कि इससे घर-परिवार का बजट बिगड़ेगा और महंगाई के बीच जीवनयापन का खर्च और बढ़ जाएगा। संकरी सड़कों वाले इलाकों को कुछ मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर शहरी कर ढांचे में स्पष्ट बढ़ोतरी का असर पूरे मानगो और राज्य के अन्य शहरों में महसूस किया जाएगा।


