ईरान युद्ध में बड़ी हलचल: ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में खामेनेई की मौत, मिडिल ईस्ट में बढ़ा महायुद्ध का खतरा


तेहरान : अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। संयुक्त सैन्य अभियान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान के कई सैन्य ठिकानों और अहम संस्थानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू किए। इन हमलों में ईरान के कई सैन्य अधिकारी और राजनीतिक नेता भी मारे गए। अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता को कमजोर करना बताया जा रहा है।इन हमलों के बाद पूरे ईरान में भारी तबाही की खबरें सामने आई हैं। विभिन्न शहरों में बमबारी और मिसाइल हमलों के कारण हजार से अधिक लोगों की मौत की खबरें हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में लोग सुरक्षित जगहों की ओर पलायन कर रहे हैं।

खामेनेई की मौत के बाद ईरान में नेतृत्व को लेकर भी बड़ी हलचल शुरू हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने की चर्चा तेज हो गई है। इस बीच ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध के खतरे में डाल दिया है। इजरायल और अमेरिका का कहना है कि यह अभियान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य ढांचे को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है, जबकि ईरान ने इसे खुली युद्ध कार्रवाई बताते हुए जवाब देने की बात कही है।वैश्विक स्तर पर भी इस संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने अपने नागरिकों को मिडिल ईस्ट छोड़ने की सलाह दी है और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने युद्ध रोकने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।



