जमशेदपुर में एयरपोर्ट और हवाई सेवा की मांग तेज, सिंहभूम चैंबर अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री व मुख्यमंत्री को लिखा पत्र


जमशेदपुर : जमशेदपुर में एयरपोर्ट और नियमित हवाई सेवा शुरू किए जाने की मांग को लेकर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और टी वी नरेन्द्रन को एक विस्तृत पत्र भेजा है।

पत्र में जमशेदपुर की ऐतिहासिक, औद्योगिक और आर्थिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यह शहर 100 वर्षों से अधिक पुराना होने के साथ-साथ देश का प्रमुख औद्योगिक और स्टील हब है। इसके बावजूद आज तक यहां कोई व्यावसायिक एयरपोर्ट उपलब्ध नहीं है, जो एक गंभीर कमी है।
मानव केडिया ने पत्र में कहा कि जमशेदपुर को झारखंड की वित्तीय और औद्योगिक राजधानी कहा जा सकता है। लेकिन एयर कनेक्टिविटी के अभाव में यहां के नागरिकों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, सरकारी अधिकारियों, विद्यार्थियों और आम लोगों को हवाई यात्रा के लिए रांची या कोलकाता जाना पड़ता है। इससे समय, खर्च और असुविधा तीनों बढ़ जाते हैं। उन्होंने इसे विकसित भारत और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की सोच के विपरीत बताया।
पत्र में वर्ष 2019 में धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना के शिलान्यास का भी उल्लेख किया गया है। बताया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास और तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी। इसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और झारखंड सरकार के बीच एमओयू भी हुआ था, लेकिन वन और पर्यावरण संबंधी आपत्तियों के कारण यह परियोजना पिछले करीब छह वर्षों से रुकी हुई है।
मानव केडिया ने एक व्यावहारिक समाधान सुझाते हुए कहा कि जब तक स्थायी एयरपोर्ट परियोजना आगे नहीं बढ़ती, तब तक सोनारी एयरपोर्ट में मामूली संशोधन कर तुरंत क्षेत्रीय हवाई सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा रनवे से छोटे टर्बोप्रॉप विमानों के जरिए जमशेदपुर से कोलकाता और अन्य शहरों के लिए दैनिक उड़ानें शुरू की जा सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि रनवे विस्तार की संभावनाएं मौजूद हैं, जिसमें टाटा स्टील और टाउन प्रशासन की भूमिका अहम हो सकती है। पत्र में उल्लेख किया गया कि एयरपोर्ट और हवाई सेवा शुरू होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग, रोजगार, पर्यावरण संरक्षण, सड़क सुरक्षा और सरकारी राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।



