डोनाल्ड ट्रंप ने अब चीन को उकसाया,


ईरान : मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अब अमेरिका ने एक ऐसी घोषणा की है जिससे चीन के आगबबूला होने की पूरी संभावना है। अमेरिका ने गुरुवार को ताइवान के साथ एक बड़े व्यापार समझौते को मंजूरी दे दी है। इतना ही नहीं, समझौते के जरिए सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को सीधी चुनौती देने की कोशिश की गई है। समझौते के तहत अमेरिका ताइवान की वस्तुओं पर टैरिफ में कटौती करेगा। बदले में ताइवान अमेरिका में 250 अरब अमेरिकी डॉलर के नए निवेश करेगा।अमेरिका ने इसे एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता करार दिया है और कहा है कि इससे अमेरिका के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को गति मिलेगी। इससे पहले ट्रंप ने ताइवान से आने वाले सामान पर 32 प्रतिशत शुल्क तय किया था, जिसे बाद में घटाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। नए समझौते के तहत अब शुल्क दर को और कम करके 15 प्रतिशत कर दिया गया है जो इस क्षेत्र में जापान और दक्षिण कोरिया पर लगाए गए टैरिफ के बराबर है।इससे पहले अमेरिका ने पिछले महीने ताइवान को 11 अरब डॉलर के हथियार, उपकरण और सैन्य सेवाओं की बिक्री को मंजूरी देने की घोषणा भी की थी। ताइवान को दिए गए अमेरिकी हथियारों की खेप में जेवलिन सिस्टम, एल्टियस-700एम और एल्टियस-600 मानवरहित हवाई वाहन, एएच-1डब्ल्यू सुपरकोबरा हेलीकॉप्टरों के स्पेयर पार्ट्स, हिमार्स बहु-लॉन्च रॉकेट सिस्टम, एम107ए7 सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी इकाइयां और टीओडब्ल्यू एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। अमेरिका के इस कदम पर चीन बेहद भड़क गया था और जवाब में कई अमेरिकी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। चीन ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन कहा है




