विशाल रक्तदान शिविर को लेकर NSS का व्यापक एवं सघन जनजागरूकता अभियान


घाटशिला (झारखंड):सोना देवी विश्वविद्यालय, घाटशिला, झारखंड में दिनांक 22 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाले विशाल रक्तदान शिविर को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा निरंतर, सुनियोजित एवं व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत समाज के प्रत्येक वर्ग तक रक्तदान का संदेश पहुँचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

इसी क्रम में NSS के स्वयंसेवकों द्वारा मऊभंडार, गुरुद्वारा रोड, दहीगोरा, सर्कस मैदान, संस्कृति परिषद तक एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को रक्तदान के महत्व, आवश्यकता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें इस मानवीय कार्य से जोड़ना था।
यह जनजागरूकता कार्यक्रम सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ० नीलमणि कुमार, NSS प्रोग्राम ऑफिसर डॉ० शिवचन्द झा एवं नोडल ऑफिसर सुश्री पतत्रि माली के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने स्थानीय नागरिकों, युवाओं, दुकानदारों एवं राहगीरों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर रक्तदान से जुड़ी विभिन्न भ्रांतियों का वैज्ञानिक तथ्यों के साथ समाधान प्रस्तुत किया। स्वयंसेवकों ने यह स्पष्ट किया कि रक्तदान एक पूर्णतः सुरक्षित प्रक्रिया है, जिससे न केवल जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचाया जा सकता है, बल्कि यह समाज के प्रति प्रत्येक व्यक्ति के मानवीय कर्तव्य का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।
इस अवसर पर सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ० नीलमणि कुमार ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का सर्वोच्च रूप है। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह शिविर समाज में करुणा, सहयोग एवं आपसी जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस पुनीत कार्य में सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
NSS प्रोग्राम ऑफिसर डॉ० शिवचन्द झा ने अपने संबोधन में कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी जाति, धर्म या वर्ग से परे होती है। रक्तदान वास्तव में जीवनदान है, जो आपात स्थितियों में किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने में सहायक सिद्ध होता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे आगे बढ़कर रक्तदान करें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि NSS का मूल उद्देश्य युवाओं में सेवा, अनुशासन एवं सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करना है।
नोडल ऑफिसर सुश्री पतत्रि माली ने विशेष रूप से महिलाओं एवं युवतियों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज समय की आवश्यकता है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और रक्तदान को लेकर व्याप्त आशंकाएँ भी दूर होती हैं।
जनजागरूकता कार्यक्रम के दौरान NSS स्वयंसेवकों ने पंपलेट वितरण, नारेबाजी एवं प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से आम लोगों को दिनांक 22 दिसंबर 2025 को सोना देवी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होने वाले विशाल रक्तदान शिविर की विस्तृत जानकारी दी तथा अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया। स्थानीय नागरिकों ने भी इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए रक्तदान शिविर में भाग लेने की अपनी सहमति व्यक्त की।
कार्यक्रम के अंत में यह सामूहिक संकल्प लिया गया कि आगामी दिनों में भी NSS द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि रक्तदान को एक जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके और प्रस्तावित विशाल रक्तदान शिविर को पूर्ण सफलता के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में स्थापित किया जा सके।



