बिहार विस चुनाव में जनादेश का डंडा – बागी गोपाल मंडल और पवन यादव की जमानत जब्त


Saraikela: बिहार विस चुनाव में जनादेश का डंडा चला है. बागी गोपाल मंडल और पवन यादव की जमानत जब्त हो गई है. बात
भागलपुर जिले के गोपालपुर सीट की हो रही है यहां से चार बार विधायक रहे गोपाल मंडल के लिए यह चुनाव बेहद निराशाजनक साबित हुआ है.
जेडीयू से टिकट कटने और पार्टी से बेदखल होने के बाद उन्होंने स्वतंत्र रूप से बागी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन सिटिंग विधायक होते हुए भी अपनी जमानत नहीं बचा पाए. गोपालपुर में जमानत बचाने के लिए 31,900 मतों की जरूरत थी, जबकि उन्हें मात्र 12,686 वोट ही मिल सके. इसी तरह कहलगांव के सिटिंग विधायक पवन कुमार यादव भी इस बार जनता का भरोसा नहीं जीत पाए और उनकी भी जमानत जब्त हो गई. उन्हें 41,997 वोट की जरूरत थी, परंतु 10,244 मत ही मिल पाए.
गुपचुप कई प्लान भी बने लेकिन सब बेकार.
कहलगांव में विजयी शुभानंद के तीर से तीन मुख्य चेहरे यानी रजनीश यादव (आरजेडी), पवन यादव (निर्दलीय) और प्रवीण कुशवाहा (कांग्रेस) धराशायी हो गए. मतदान के बाद बागी पवन का दावा था कि ‘ईवीएम से जिन्न निकलेगा. इतना ही नहीं, उन्होंने भाजपा के प्रदेश नेतृत्व को भी खूब खरी-खोटी सुनाई. संयोग से दोनों बागी तीसरे स्थान पर रहे. जदयू सांसद अजय मंडल के भाई अनुज कुमार मंडल को भी कहलगांव में जनता का समर्थन नहीं मिला. अनुज को महज़ 931 वोट मिले.
टिकट कटने के बाद पीरपैंती विधायक ललन पासवान ने आरजेडी ज्वॉइन कर पीरपैंती के आरजेडी प्रत्याशी रामविलास पासवान के लिए चुनाव प्रचार किया. प्रचार के दौरान उन्हें कई स्थानों पर जबरदस्त विरोध का सामना भी करना पड़ा. कुल मिलाकर, बागी चेहरों को जागरूक मतदाताओं ने सख्ती से नकार दिया.




