62 पंचायतें हुईं टीबी मुक्त, अब पूरे जिले को TB-Free बनाने का लक्ष्य






गुमला : गुमला जिले ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले की 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है। शुक्रवार को टाउन हॉल गुमला में आयोजित समारोह में इसकी औपचारिक घोषणा की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त दिलेश्वर महतो सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी डॉ. शिशिर कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुर्जय सुंब्रई, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सुनील राम और सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर समेत कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।


उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने 62 पंचायतों के टीबी मुक्त होने को जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्यकर्मियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य जिले की शेष पंचायतों को भी जल्द टीबी मुक्त बनाना है। इसके लिए गांव-गांव में टीबी की पहचान, जांच, उपचार और जागरूकता अभियान को और तेज करने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि लंबे समय तक खांसी, कमजोरी, वजन कम होने या खांसी के साथ खून आने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराएं।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. केके मिश्रा ने कहा कि 62 पंचायतों का टीबी मुक्त होना टीबी उन्मूलन अभियान की दिशा में बड़ी सफलता है। उन्होंने बताया कि सामूहिक प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल हुई है और अब जिले की सभी पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में अभियान आगे बढ़ाया जाएगा। समारोह के दौरान टीबी उन्मूलन अभियान में बेहतर कार्य करने वाले चिकित्सा पदाधिकारियों, मुखियाओं, सहियाओं, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, प्रखंड टीबी टास्क टीम, जिला एवं प्रखंड स्तर के फील्ड अधिकारियों समेत अन्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मीडिया प्रतिनिधियों को भी अभियान में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने गुमला को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त जिला बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे की रणनीति केवल उपचार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समय पर पहचान, लगातार निगरानी, जागरूकता और समुदाय की भागीदारी पर भी जोर दिया जाएगा।


