टेल्को की सड़कों पर जिला परिवहन पदाधिकारी मेहरबान क्यों ? सड़को के किनारे अवैध पर्किंग से जा रही है आम लोगों की जान


Saraikela: जमशेदपुर की सड़को पर केवल दोपहिया वाहन चालकों पर सख्ती बरती जाती है. जबकि यहां की सड़कों पर सबसे अधिक जानलेवा अवैध पर्किंग बनी हुई है. आज बात हो रही है टेल्को क्षेत्र की सड़कों की, जहां टाटा मोटर्स और टाटा कमिन्स जैसी दो बड़ी कंपनियां है, और इनके वाहन का तकरीबन 5 किलोमीटर दूरी तक सड़कों के दोनों किनारे अवैध कब्जा लगा रहता है. एक ओर जिले की ट्रैफिक पुलिस केवल दोपहिया वाहनों पर टेढ़ी नजर रखे रहती है वहीं दूसरी ओर बड़े वाहनों और उनके अवैध वाहनों पर मेहरबान क्यों बनी है यह सवाल उठता है? बताया जाता है कि जिले के जिला परिवहन पदाधिकारी भी बड़े वाहनों के प्रति मेहरबान रहते हैं तभी तो हजारों सड़क दुर्घटनाओं नक बावजूद इन सड़कों पर बड़े वाहनों की अवैध पर्किंग जायज तरीके से बनी हुई है. जबकि इस मार्ग से टेल्को कॉलोनी के अलावा घोड़ाबांधा, गोविंदपुर, धान चटानी जैसे जगहों के लोग दैनिक रूप से आवागमन करते हैं. इन सड़को के किनारे अवैध पर्किंग से हर महीने दर्जनों लोगों की जानें जा रही है लेकिन जिला प्रशासन अवैध पर्किंग के विरुद्ध मौन बना हुआ है, आखिर इसकी क्या वजह हो सकती है.




