छह साल बाद भी अधूरा पड़ा ट्रॉमा सेंटर, मरीजों को नहीं मिल रही आपातकालीन सुविधा पर उठे सवाल


रामगढ़ : जिले में करोड़ों रुपये की लागत से बना ट्रॉमा सेंटर छह साल बाद भी पूरी तरह से शुरू नहीं हो सका है, जिससे आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चुटुपालू घाटी के पास बनाए गए इस ट्रॉमा सेंटर का निर्माण सड़क हादसों में घायलों को तुरंत इलाज देने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन अब तक यह पूरी तरह से चालू नहीं हो पाया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उद्घाटन के बाद भी यहां जरूरी चिकित्सा सुविधाएं और स्टाफ की कमी बनी हुई है, जिसके कारण गंभीर दुर्घटनाओं में घायल मरीजों को अब भी दूर स्थित अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। कई बार मांग और आंदोलन के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो पाया है।
वर्तमान में भवन का उपयोग आंशिक रूप से अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया जा रहा है, जबकि पूर्ण ट्रॉमा केयर सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। सिविल सर्जन के अनुसार, ओटी सहित अन्य सुविधाओं को बहाल करने की प्रक्रिया जारी है और इसे जल्द शुरू करने की कोशिश की जा रही है।


