बुक फेयर में हुआ पीके नंदी द्वारा रचित “द लास्ट फाइट फ़ॉर फ्रीडम” का विमोचन


Saraikela : साकची स्थित टैगोर सोसायटी में 14 से 23 नवंबर तक आयोजित बुक फेयर में सोमवार की शाम समारोह पूर्वक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जीवनी पर आधारित और मणिपुर की यात्रा पर आधारित पुस्तक “द लास्ट फाइट फ़ॉर फ्रीडम” का विमोचन हुआ. जिसका विमोचन मुख्य अतिथि रविन्द्र भवन के सचिव आशीष चौधरी ने किया. इस मौके पर बुक के राइटर पीके नंदी, राष्ट्रपति से पुरस्कृत शिक्षिका संध्या प्रधान, राइटर पार्थो भट्टाचार्य, आकाशवाणी जमशेदपुर के कार्यक्रम अधिशाषी उत्पल दत्त और नीतेश मणि तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर और नेताजी सुभाषचंद्र बोस के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. सर्वप्रथम सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया. कमला मुखर्जी ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जीवनी पर आधारित ‘आमी सुभाष’ नामक कविता का पाठ किया. अपने मणिपुर यात्रा वृत्तांत पर आधारित पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए पीके नंदी ने कहा कि वे नेताजी के अनन्य भक्त हैं और उन्होंने उनकी जीवनी पर आधारित कई पुस्तकों का अध्ययन किया है. उनके नजर में भारत देश का कोई सच्चा फ्रीडम फाइटर था तो वो नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे. 21 अक्टूबर 2024 को वे मणिपुर के मोइरांग गए थे. वो नेताजी का पवित्र भूमि है जहां से उन्होंने आजादी की लड़ाई की शुरुआत की थी. द्वितीय विश्व युद्ध 1943 के समय की बात है जब युद्ध निर्णायक स्तर पर था. आजाद हिंद फौज का गठन हो चुका था. जो ब्रिटिश सरकार अपराजेय था वो भी मोइरांग युद्ध में हार स्वीकार कर लिया था. मैं उस पवित्र भूमि को नमन कर आया और अपनी यात्रा वृतांत इस पुस्तक “द लास्ट फाइट फ़ॉर फ्रीडम” में लिखा हूं.




