लावारिस थैले की मिठाई बनी थी मौत की वजह


छिंदवाड़ा : छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में सामने आए चर्चित मिठाई कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि लावारिस थैले में रखी मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक (चूहा मार दवा) मिला हुआ था। रिपोर्ट के अनुसार आर्सेनिक की मात्रा सामान्य स्तर से करीब ढाई सौ गुना अधिक पाई गई, जिससे मिठाई पूरी तरह जहरीली बन चुकी थी।खाद्य विभाग की रिपोर्ट में यह साफ किया गया है कि मिठाई न तो खराब थी और न ही उसमें सामान्य मिलावट थी। जांच में यह पुष्टि हुई है कि मिठाई में जानबूझकर जहरीला पदार्थ मिलाया गया था, जिससे इसकी प्रकृति (गुण) पूरी तरह घातक हो गई।फूड इंस्पेक्टर गोपेश मिश्रा ने बताया कि तेज चूहा मार दवाई इस मिठाई में मिलाई गई थी। इसमें बड़ी मात्रा में आर्सेनिक मिला है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि यह नॉर्मल से ढाई सौ गुना ज्यादा है। यह सिर्फ किसी की जान लेने के लिए ही हो सकता है
अब पुलिस को पोस्टमॉर्टम की बिसरा रिपोर्ट का इंतजार पुलिस अब जबलपुर फोरेंसिक लैब से पोस्टमॉर्टम के बिसरा की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो पाएगा कि मौत का सीधा कारण आर्सेनिक ही था या नहीं। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
लावारिस मिठाई किसने और किस मकसद से वहां रखी पुलिस ने संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजन से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लावारिस मिठाई किसने और किस मकसद से वहां रखी थी।थाना प्रभारी राकेश बघेल ने बताया कि खाद्य विभाग से मिठाई की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। रिपोर्ट में मिठाई में अत्यधिक मात्रा में आर्सेनिक पाए जाने की पुष्टि हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि मिठाई में जानबूझकर जहर मिलाया गया था।
फिलहाल पूछताछ जारी है। बिसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद मौतों की कड़ी और साजिश का पूरा सच सामने आ सकता है।




