शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोकने को लेकर अब प्रशासन ने सफाई दी


प्रयागराज : प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को संगम जाने से रोके जाने को लेकर अब प्रशासन ने सफाई दी है। मेला प्राधिकरण के आईसीसीसी सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में अफसरों ने स्पष्ट किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम स्नान से नहीं रोका गया था, यह भ्रम फैलाया जा रहा है। उनसे वाहन से उतरकर स्नान के लिए पैदल जाने का अनुरोध किया गया था। तीन घंटे तक लगातार आग्रह करने के बाद भी वह अपनी जिद पर अड़े रहे। बिना अनुमति के मौनी अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण स्नान पर्व की व्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया।स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूर्व में कोई सूचना नहीं दी थी। एक दिन पहले उन्होंने दो वाहनों की अनुमति, सुरक्षा व व्यवस्था की डिमांड की थी, जिस पर उनको स्पष्ट रूप से मना कर दिया गया था। कि यह हमारा स्नान पर्व है इसमें कोई प्रोटोकॉल किसी को उपलब्ध नहीं कराया जात। बावजूद इसके त्रिवेणी पीपा पुल, जिसे इमरजेंसी स्थिति के लिए ओपेन होता है, उस पर सैकड़ों अनुयायियों के साथ आए और बैरियर तोड़ दिया। वहां पर उनसे अनुरोध किया गया।

बताया गया कि यह वह समय था जब संगम नोज पर सबसे अधिक श्रद्धालु मौजूद थे इसके बावजूद वह नहीं माने। संगम नोज पर पहुंचने पर भी उनके समर्थकों की ओर से बैरियर तोड़ा गया। इस पर भी सभी अफसरों ने उनसे अनुरोध किया, इसके बावजूद वह नहीं माने और वापस चले गए। किसी को स्नान से नहीं रोका गया, सिर्फ यह कहा गया कि व्यवस्था बनाई गई है और इसका पालन करें ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की अव्यवस्था न हो।



