भारत छोड़कर भागे थे 25 लोगों की मौत के आरोपी,


गोवा: गोवा के एक नाइट क्लब में लगी आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी, इस अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स भारत छोड़कर थाईलैंड भाग गए थे। उनका पासपोर्ट निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद थाईलैंड में उन्हें हिरासत में ले लिया गया है। बता दें कि भारत सरकार ने लूथरा ब्रदर्स पर सख्त कार्रवाई करने और उनका पासपोर्ट कैंसिल करने की बात कही थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट एक्ट 1967 की धारा 10ए के तहत केंद्र सरकार या उसका नियुक्त अधिकारी किसी का पासपोर्ट सस्पेंड कर सकता है।जिसका पासपोर्ट सस्पेंड किया जाता है, वह उस पासपोर्ट पर देश से बाहर नहीं जा सकता। चूंकि, लूथरा ब्रदर्स पहले ही देश छोड़कर भाग चुके हैं, इसलिए उनके मामले में पासपोर्ट अस्थायी रूप से अमान्य कर दिए गए हैं। जिससे वे थाइलैंड छोड़कर दूसरे देश न जा सकें।गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में इस अग्निकांड के हर पहलू की बारीकी से जांच करने और आरोप तय होने के बाद आरोपियों को सख्त सजा देने की बात कही थी।सौरभ और गौरव लूथरा ने थाईलैंड के लिए फ्लाइट टिकट उस समय बुक किए, जब गोवा में उनके नाइट क्लब में फायर ब्रिगेड की टीम आग पर काबू पाने और फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश कर रही थीं।
अधिकारियों ने बताया कि लूथरा भाइयों ने 6-7 दिसंबर की रात 1:17 बजे ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी की वेबसाइट पर लॉग इन किया था। दोनों सुबह 5:30 बजे इंडिगो फ्लाइट 6E 1073 से दिल्ली से फुकेट के लिए रवाना हो गए।
लूथरा ब्रदर्स, उनके बिजनेस पार्टनर, मैनेजर और कुछ कर्मचारी दिल्ली के रहने वाले हैं। इसलिए, गोवा पुलिस के साथ अब दिल्ली पुलिस भी अग्निकांड मामले की जांच कर रही है। दिल्ली में भी एक केस दर्ज किया गया है।लूथरा ब्रदर्स ने बुधवार को दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में अग्रमि जमानत याचिका लगाई थी, जिस पर कल सुनवाई हुई। आरोपियों ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में तर्क दिया कि वे काम से संबंधित कारणों से थाईलैंड गए थे और अब भारत लौटना चाहते हैं।दोनों भाइयों ने अग्रिम जमानत की मांग करते हुए कहा कि भारत पहुंचने पर हमें गिरफ्तार किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में बताया कि गोवा की एक अदालत ने उनके खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया था।गोवा पुलिस ने बुधवार को क्लब के 4 मालिकों में से एक को दिल्ली से गिरफ्तार। आरोपी का नाम अजय गुप्ता है। वह मूलरूप से जम्मू का निवासी है, लेकिन दिल्ली में रहता है। गोवा पुलिस ने उसे दिल्ली के कोर्ट में पेश किया।कोर्ट ने गुप्ता को गोवा ले जाने के लिए पुलिस को 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड दी। इसके बाद आरोपी को बुधवार रात ही दिल्ली से गोवा लाया गया। एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए अंजुना पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
इस दौरान उसे दवाएं लेने की अनुमति दी गई है। आरोपी अजय गुप्ता ने दिल्ली में क्राइम ब्रांच ऑफिस में जाने के दौरान, मास्क, टोपी और हुडी जैकेट से अपना चेहरा छिपा रखा था। उसने मीडिया के सवालों पर कहा- मैं सिर्फ एक बिजनेस पार्टनर हूं। मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं पता।गोवा पुलिस के मुताबिक, अजय गुप्ता की बिर्च बाय क्लब में बड़ी फाइनेंशियल साझेदारी है। उसने लूथरा ब्रदर्स के क्लब में काफी पैसा निवेश किया था। पुलिस ने गुप्ता के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था। पुलिस टीम जब गुप्ता के दिल्ली स्थित घर पर पहुंची तो वह घर पर नहीं मिला।
इसके बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। बाद में उसकी लोकेशन दिल्ली के लाजपत नगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रेन एंड स्पाइन अस्पताल में मिली। सूत्रों के अनुसार, गुप्ता हरियाणा नंबर प्लेट वाली इनोवा कार में ड्राइवर के साथ अस्पताल गया था।उसने रीढ़ की हड्डी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए खुद को अस्पताल में भर्ती कराया था। मेडिकल जांच के बाद, उसे हिरासत में लिया गया। गुप्ता से गोवा में क्लब के मैनेजमेंट, ऑपरेशन संबंधी जिम्मेदारियों और फायर सेफ्टी नियमों के अनुपालन के बारे में पूछताछ होगी।




